Indore Metro News: इंदौर मेट्रो के लिए जर्मनी-थाईलैंड से आईं खास मशीनें, अगस्त से शुरू होगा अंडरग्राउंड खुदाई का काम
इंदौर मेट्रो रेल परियोजना अब अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है, जो शहर के लिए एक नया इतिहास रचने वाली है। परियोजना के तहत जमीन से 20 मीटर गहराई तक खुदाई करने में सक्षम ‘टनल बोरिंग मशीनें’ (TBM) जल्द ही इंदौर पहुंचने वाली हैं। जर्मनी तकनीक और थाईलैंड में असेंबल की गई ये अत्याधुनिक मशीनें अगले दो माह के भीतर एयरपोर्ट से टनल खुदाई का कार्य शुरू करेंगी।
🏗️ 20 मीटर गहराई में सुरक्षित बनेगा मेट्रो रूट
इंदौर की भौगोलिक संरचना और शहर के घने रिहायशी इलाकों को देखते हुए इन मशीनों का चयन किया गया है। शहर के बीचोंबीच, जहां दशकों पुराने मकान हैं, वहां मेट्रो प्रोजेक्ट को बिना किसी क्षति के आगे बढ़ाना एक बड़ी चुनौती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए 4 मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जो जमीन के 20 मीटर नीचे उतरकर टनल का निर्माण करेंगी।
💰 राज्य सरकार उठाएगी अतिरिक्त ₹900 करोड़ का खर्च
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि खजराना स्क्वायर से रेलवे स्टेशन तक की 3.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन अब एलिवेटेड के बजाय अंडरग्राउंड बनाई जाएगी। इस बदलाव से परियोजना की लागत में लगभग ₹900 करोड़ का इजाफा होगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। यह निर्णय बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, शहर के विकास और लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
⏳ अगस्त से रफ्तार पकड़ेगा निर्माण कार्य
मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला के अनुसार, थाईलैंड से मंगवाई जा रही मशीनें जुलाई अंत तक इंदौर पहुंच जाएंगी। इनके इंस्टॉलेशन में लगभग एक महीने का समय लगेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट का जिम्मा हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) और टाटा प्रोजेक्ट्स के जॉइंट वेंचर को सौंपा गया है, जिसकी कुल लागत करीब ₹2,191 करोड़ है। अगस्त से इंदौर के घने इलाकों में अंडरग्राउंड खुदाई का काम तेजी से शुरू हो जाएगा।