Haryana Air Pollution: हरियाणा में 1 अक्टूबर से लागू होगी ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ नीति; बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल
चंडीगढ़: सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदूषण से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। इस नीति के तहत, एनसीआर के जिलों में अब बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा।
🚌 इलेक्ट्रिक बसों और मॉनिटरिंग स्टेशनों का विस्तार
प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक मोड पर लाया जा रहा है। वर्तमान में चल रही 70 इलेक्ट्रिक बसों के अलावा, 385 नई बसों का खरीद आदेश जारी हो चुका है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में कुल 925 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है। इसके अलावा, वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में मौजूदा 22 स्टेशनों के साथ 23 नए स्टेशन जोड़े जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 45 हो जाएगी। ये सभी नए केंद्र 30 सितंबर तक चालू हो जाएंगे।
⛽ पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य होगी एएनपीआर (ANPR) प्रणाली
प्रदूषण नियंत्रण के सबसे कड़े कदम के रूप में, हरियाणा के एनसीआर जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) प्रणाली स्थापित की जा रही है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंपों को कवर किया जाएगा। यह प्रणाली वाहन के पीयूसीसी का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन करेगी। यदि वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट वैध नहीं है, तो सिस्टम ऑटोमैटिक रूप से ईंधन आपूर्ति को रोक देगा।
🛑 पुराने वाहनों और उद्योगों पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने केवल ईंधन नीति ही नहीं, बल्कि प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों और उद्योगों पर भी सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर कड़ी कार्रवाई करें। यह प्रयास एनसीआर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और नागरिकों को एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।