Haryana Health Services: स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने दी 18 करोड़ से अधिक की मंजूरी; 18 जिलों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट
चंडीगढ़: प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में आयोजित ‘स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी’ की बैठक में 18 करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों और रेट कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय थैलेसीमिया, किडनी और मोतियाबिंद के मरीजों के लिए राहत भरा है।
💊 दवाओं और उपचार के लिए विशेष बजट
बैठक में मरीजों की सुविधा के लिए विभिन्न दवाओं और उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई:
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यूनानी दवाएं: 1.85 करोड़ रुपये की लागत से 40 प्रकार की दवाएं।
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मोतियाबिंद सर्जरी: 44 लाख रुपये के इंट्राऑक्यूलर लेंस की खरीद।
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थैलेसीमिया उपचार: मरीजों के लिए 82 लाख रुपये की दवाओं को मंजूरी।
💨 ऑक्सीजन और सुनने की जांच की पुख्ता व्यवस्था
प्रदेश के 18 जिला नागरिक अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट और स्टोरेज टैंक स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 9.55 करोड़ रुपये का दो वर्षीय रेट कॉन्ट्रैक्ट पास किया गया है। साथ ही, 22 जिला अस्पतालों में 24 ‘प्योर टोन ऑडियोमीटर’ (3.02 करोड़ रुपये) लगाए जाएंगे, जिससे कानों की बीमारी की जांच जिला स्तर पर ही हो सकेगी।
🩺 डायलिसिस सेवाओं का विकेंद्रीकरण
पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत 16 उपमंडल नागरिक अस्पतालों में 2.40 करोड़ रुपये की लागत से ‘हीमोडायलिसिस’ सेवाएं शुरू की जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे किडनी रोगियों की निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें अपने गृह जिले में ही इलाज मिल सकेगा।
✨ स्वास्थ्य मंत्री का संकल्प
मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य ढांचे को इतना मजबूत बनाना है कि मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की नौबत न आए। इन निर्णयों से थैलेसीमिया और मोतियाबिंद जैसे रोगों के मरीजों को निर्बाध और किफायती उपचार उपलब्ध होगा।