Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग.. .. .. .. दिपके ने प्रधानमंत्री मोदी से हटने की मांग कर दी भारत ने अंतरिक्ष में लॉन्च किया पहला निजी रॉकेट पेपर लीक उद्योग को मिलकर खत्म करेः राहुल गांधी अस्पताल में भर्ती सोनम की पत्नी ने आकर मोर्चा संभाला मुख्य हमलावर की तलाश में जुटी है एजेंसियां सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा अभेद्य करने की तैयारी Black Line on Nails: नाखूनों पर दिखने वाली काली लाइन को न करें इग्नोर, हो सकता है स्किन कैंसर का संक... Abhijeet Dipke Ink Attack: जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स... Heart Attack After Stent: क्या स्टेंट लगने के बाद भी आ सकता है हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं एक्सप...

Sikh History: महान जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर का शहीदी दिवस; सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में हुआ गुरमत समागम

जैत/अमृतसर: सिख समुदाय के महान जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में एक भव्य गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए और हजूरी रागी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया गया।

📜 बाबा बंदा सिंह बहादुर: शहादत और बहादुरी का बेमिसाल इतिहास

इस अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत सिख इतिहास का वह गौरवशाली अध्याय है, जो हमें सच्चाई और धर्म के लिए अडिग रहने की सीख देता है। उन्होंने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ही वह महान जरनैल थे जिन्होंने सर्वप्रथम खालसा राज्य की स्थापना की थी।

💡 युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत

ज्ञानी राजदीप सिंह ने उपस्थित सिख युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन से मार्गदर्शन लेना चाहिए। उन्होंने उनके संघर्ष और कुर्बानी को एक ‘बेमिसाल इतिहास’ बताया। समागम के दौरान हेड प्रचारक भाई जगदेव सिंह ने भी बाबा जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस धार्मिक दीवान में ढाडी और कविशर जत्थों ने भी अपनी कला के माध्यम से शहीदी गाथाएं प्रस्तुत कीं।

🙏 समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

इस पावन अवसर पर एसजीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें मैनेजर मेजर सिंह, सुपरिटेंडेंट निशान सिंह, मलकीत सिंह बहिडवाल, इंचार्ज जगदीश सिंह बुट्टर, बलदेव सिंह, करमजीत सिंह, राजविंदर सिंह, एडिशनल मैनेजर इकबाल सिंह और बिक्रमजीत सिंह झंगी प्रमुख रूप से शामिल रहे।