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राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का असर अब निकल रहा है

इस मुद्दे पर झामुमो ने सीधा मोर्चा खोल दिया

  • हमें सिर्फ पचास का समर्थन मिला है

  • भितरघात को लेकर अंदर असंतोष

  • ऐसे लोग गद्दार कहे जा सकते है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद झारखंड की राजनीति में जारी घमासान के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अब सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में इंडिया गठबंधन की मौजूदा स्थिति और क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर अपनी राय रखी।

भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर अब रेखाएं खिंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन केवल उन 50 विधायकों के नेता हैं, जिन्होंने पूरी निष्ठा के साथ गठबंधन के प्रत्याशियों (झामुमो और कांग्रेस) के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को वोट देने वाले 28 विधायकों को निशाने पर लेते हुए कहा कि ऐसे विधायकों के वास्तविक नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के भीतर हार की समीक्षा और भितरघात को लेकर गहरा असंतोष है। उल्लेखनीय है कि अंकगणित के अनुसार गठबंधन के पास कुल 56 विधायक थे, जो जीत के लिए पर्याप्त थे। इसके बावजूद, कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सुप्रियो भट्टाचार्य ने उन छह विधायकों को सीधे तौर पर गद्दार करार दिया, जिन्होंने पार्टी व्हिप और गठबंधन की मर्यादा को दरकिनार कर क्रॉस वोटिंग की, जिसके परिणामस्वरूप परिमल नाथवाणी की जीत सुनिश्चित हुई।

जब उनसे यह पूछा गया कि इन छह बागी विधायकों के खिलाफ पार्टी क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी, तो उन्होंने इस प्रश्न का कोई सीधा उत्तर नहीं दिया और इसे टाल गए। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बयान को गठबंधन में मची खलबली को शांत करने और फिर से एकजुटता लाने की एक कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व कांग्रेस नेताओं ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन को बचाने के लिए विष पीने तक की बात कही थी। बहरहाल, झामुमो के इस कड़े रुख ने राज्य की राजनीति में गठबंधन के भविष्य और बागियों के प्रति उसके लचीलेपन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।