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ग्रीस के इविया द्वीप पर भीषण दावानल

गर्मी का मौसम आने के पहले ही दौर में परेशानी

  • कई गावों को खाली कराया गया है

  • जंगलकी आग तेजी से बढ़ रही है

  • दमकल कर्मी दिनरात जुटे हुए हैं

एजेंसियां

एथेंस: ग्रीस के प्रसिद्ध इविया द्वीप पर शनिवार को इस वर्ष की पहली बड़ी और विनाशकारी जंगल की आग भड़क उठी, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है। आग की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एहतियाती तौर पर कई गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (निकासी) का आदेश दिया है। आग की लपटें जिस तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं, उसने स्थिति को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

यह आग दोपहर के समय मेसोचोरिया और रैप्टेई गांवों के आसपास के वन क्षेत्र में शुरू हुई। हवा की तीव्र गति ने देखते ही देखते आग को एक विकराल रूप दे दिया। दमकल विभाग ने सूचना मिलते ही मोर्चा संभाल लिया है और निवासियों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित क्षेत्रों की ओर जाने की चेतावनी जारी की है।

संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग पर काबू पाने के लिए व्यापक स्तर पर राहत और बचाव कार्य छेड़े गए हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 120 दमकलकर्मी, 35 दमकल वाहन, सात हेलीकॉप्टर और आठ विशेष दमकल विमानों को आग बुझाने के कार्य में तैनात किया गया है। स्थानीय समाचार आउटलेट एविमा की रिपोर्ट्स के अनुसार, आग की लपटें इतनी तीव्र हैं कि वे गांवों के घरों तक पहुँच चुकी हैं, जिससे संपत्ति के भारी नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी है। क्षेत्र में चल रही तेज हवाएं न केवल आग को और अधिक भड़का रही हैं, बल्कि राहत कार्यों में भी बड़ी बाधा उत्पन्न कर रही हैं। पूर्वानुमान के अनुसार, ये तेज हवाएं रविवार तक जारी रह सकती हैं, जिससे दमकलकर्मियों के लिए चुनौती और कठिन हो गई है।

इविया द्वीप के लिए यह आपदा एक गहरे जख्म को कुरेदने जैसा है। अतीत में यह द्वीप विनाशकारी जंगल की आग का दंश झेल चुका है। वर्ष 2021 में, इविया ने अपने इतिहास की सबसे भीषण पर्यावरणीय आपदाओं में से एक का सामना किया था, जिसमें हजारों हेक्टेयर के हरे-भरे जंगल जलकर खाक हो गए थे। उस कड़वे अनुभव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार किसी भी तरह की चूक करने के मूड में नहीं है। सरकार और स्थानीय प्रशासन किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रहे हैं और स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।