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भीषण गर्मी में फैल रही है जंगल की आग

पश्चिमी इलाकों में भी मौसम की मार के असर से परेशानी

पर्थ: पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जंगलों और ग्रामीण इलाकों में आज प्रकृति ने अपना सबसे कठोर रूप दिखाया है। सुबह होते ही तापमान ने 45 डिग्री सेल्सियस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया, जिसके बाद मौसम विभाग और दमकल विभाग ने संयुक्त रूप से कैटस्ट्रोफिक (विनाशकारी) फायर रेटिंग जारी की है।

यह ऑस्ट्रेलिया में दी जाने वाली अग्नि चेतावनी का सर्वोच्च स्तर है, जो आने वाले घंटों में एक बड़े संकट का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैटस्ट्रोफिक रेटिंग का अर्थ है कि स्थितियाँ आग लगने के लिए सर्वथा अनुकूल हैं। यदि इस दौरान एक छोटी सी चिंगारी भी उठती है, तो वह इतनी तेजी से फैलेगी कि उसे नियंत्रित करना दमकल विभाग के आधुनिक संसाधनों के लिए भी असंभव होगा। वर्तमान में चल रही तेज और गर्म हवाओं ने इस खतरे को और भी संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि हवा की गति आग की लपटों को मिनटों में कई किलोमीटर तक ले जा सकती है।

पर्थ और उसके समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए स्थानीय दमकल विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। लोगों को अपने फायर सर्वाइवल प्लान को तुरंत सक्रिय करने या बिना देरी किए सुरक्षित शहरी इलाकों की ओर पलायन करने की सलाह दी गई है।

कई उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में बिजली कंपनियों ने एहतियातन आपूर्ति बंद कर दी है, ताकि तेज हवाओं से टूटकर गिरने वाले बिजली के तारों से जंगल में आग न लगे। विदेशी और स्थानीय पर्यटकों के लिए नेशनल पार्क, हाइकिंग ट्रेल्स और कैंपिंग साइट्स को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। धुएं और संभावित आग के कारण कई प्रमुख राजमार्गों पर आवाजाही को सीमित कर दिया गया है।

ऑस्ट्रेलियाई झाड़ियों की आग हालांकि एक प्राकृतिक चक्र का हिस्सा रही हैं, लेकिन इस बार गर्मी की लहर समय से बहुत पहले और प्रचंड तीव्रता के साथ आई है। लंबे समय से पड़ रहे सूखे ने घास के मैदानों और जंगलों को बारूद के ढेर में बदल दिया है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि आग फैलती है, तो कंगारुओं और कोआला जैसे प्रजातियों के आवास नष्ट हो जाएंगे, जिससे उनकी बड़ी संख्या में मौत हो सकती है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से जलवायु परिवर्तन के वैश्विक प्रभावों को दर्शाती है, जहाँ ऑस्ट्रेलिया हर साल पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नए तापमान स्तरों को छू रहा है।