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मोदी ने स्थायी शांति बहाली की उम्मीद जतायी

पश्चिम एशिया में हुए युद्धविराम समझौता का स्वागत किया

  • विदेश दौरे के बीच संदेश प्रसारित किया

  • पूरी दुनिया में व्यापारिक स्थिरता आयेगी

  • आगामी 19 जून को होंगे इस पर हस्ताक्षर

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवारको पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का गर्मजोशी से स्वागत किया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस ऐतिहासिक समझौते का क्रियान्वयन न केवल क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने में मदद करेगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर समुद्री व्यापार और आवाजाही की स्वतंत्रता को भी सुनिश्चित करेगा।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आधिकारिक घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक अंतिम समझौता हो गया है। यह संघर्ष पिछले कुछ महीनों से वैश्विक ऊर्जा संकट का मुख्य कारण बना हुआ था, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा प्रभाव पड़ा था।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार, इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया 19 जून, 2026 को स्विट्जरलैंड में संपन्न होगी। यह समझौता न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, क्योंकि युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया था।

भारत के दृष्टिकोण से, पश्चिम एशिया में शांति अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वहां लाखों भारतीय नागरिक कार्यरत हैं और भारत के ऊर्जा आयात का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर आता है। प्रधानमंत्री मोदी की यह प्रतिक्रिया भारत की उस विदेश नीति को दोहराती है, जो हमेशा शांतिपूर्ण संवाद और वैश्विक स्थिरता की पक्षधर रही है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इस कदम को तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव मान रहे हैं, जिससे भविष्य में वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता आने की प्रबल संभावना है।