Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गोलाबारी और घुसपैठ का दौर खत्म, अब पर्यटन की नई पहचान बन रहे जम्मू-कश्मीर के LoC से सटे सीमावर्ती गा... Kinner Kailash Yatra 2026 Registration Date: किन्नर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से शुरू! ऑनलाइन रजिस्ट्रेश... हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं के 'पेपर लीक' पर छिड़ा सियासी संग्राम, AAP नेता अनुराग ढांडा ने बीजेपी क... भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में फिर गरमाई सियासत, परिजनों ने प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरो... जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी के खिलाफ बने आपत्तिजनक वीडियो पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, सोश... जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद देश की सियासत में बड़ा बदलाव, Gen Z को साधने में जुटे PM मोदी और ... इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, मकर द्वार पर NDA सांसदों ने लगाए 'प्रधान जिंदाबाद' के न... PoK में भारी तनाव और हिंसा के बीच 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव शुरू, 3 चरणों में होगी वोटिंग बिहार बंद के दौरान सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की लड़ाई तेज, असली संगठन बताने को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट

Ujjain Somvati Amavasya: अधिक मास की सोमवती अमावस्या पर शिप्रा तट पर उमड़ा जनसैलाब, बना मिनी कुंभ जैसा नजारा

उज्जैन: नगरी उज्जैन में आज अधिक मास का अंतिम दिन और सोमवती अमावस्या का दुर्लभ ‘महासंयोग’ देखने को मिल रहा है। शिप्रा नदी के रामघाट और सोमकुंड पर अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। यह नजारा किसी मिनी कुंभ से कम नहीं है। इस वर्ष सोमवती अमावस्या का महत्व और अधिक बढ़ गया है क्योंकि यह ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के समापन का दिन भी है।

✨ अमृत सिद्धि योग का महापर्व काल

धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत फलदायी है। इस दिन ‘अमृत सिद्धि योग’ का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे शास्त्रों में जप, तप, दान और अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। विद्वानों के अनुसार, इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल अमृत के समान प्राप्त होता है। उज्जैन में इस दौरान 84 महादेव, 9 नारायण और सप्त सागर की यात्रा का विशेष विधान है।

🙏 पूजा-अर्चना और विशेष उपाय

पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, यदि श्रद्धालु उज्जैन आकर सोमतीर्थ में स्नान न कर सकें, तो वे अपने निकटतम शिव मंदिरों में जाकर रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

  • भगवान शिव को कच्चे दूध से स्नान कराएं।

  • सफेद वस्तुओं का दान करें।

  • सफेद आग के पुष्प (मदार) भगवान शिव को अर्पित करें।

  • पितरों की तृप्ति के लिए दान और तर्पण का विशेष महत्व है।

🛕 महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े भक्त

शिप्रा स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि जो श्रद्धालु अधिक मास के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल नहीं हो पाए थे, वे आज सोमवती अमावस्या पर दान-पुण्य और पूजा कर अपना संकल्प पूरा कर सकते हैं। भगवान विष्णु और शिव की आराधना से न केवल पितरों को तृप्ति मिलती है, बल्कि परिवार में सुख-शांति का वास होता है।