जोरहाट: असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का एक दुखद विमान हादसा हुआ। कार्गो प्लेन AN-32 एयरबेस पर लैंडिंग करने की कोशिश के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया। इस हादसे में वायुसेना के 5 जांबाज जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। वायुसेना ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं।
🎖️ राष्ट्र ने खोए 5 वीर सपूत
इस हृदयविदारक हादसे में शहीद होने वाले जवानों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। भारतीय वायुसेना ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि दुख की इस घड़ी में पूरा वायुसेना परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
⚙️ AN-32: भारतीय वायुसेना का विश्वसनीय ‘वर्कहॉर्स’
AN-32 सोवियत डिजाइन का एक दो इंजन वाला टर्बोप्रॉप ट्रांसपोर्ट विमान है, जो भारतीय वायुसेना की रसद आपूर्ति (Logistics) में रीढ़ की हड्डी माना जाता है। इसकी विशेषताएं इसे चुनौतीपूर्ण बनाती हैं:
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दुर्गम इलाकों में कारगर: यह विमान ऊंचे एयरफील्ड्स और गर्म जलवायु में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए डिजाइन किया गया है।
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क्षमता: यह 7.5 टन तक सामान, 50 यात्री या 42 पैराट्रूपर्स को ले जाने में सक्षम है।
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रणनीतिक महत्व: पूर्वोत्तर भारत और सीमावर्ती क्षेत्रों में रसद पहुंचाने के लिए इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
🔎 जांच प्रक्रिया शुरू
वायुसेना ने बताया है कि घटनास्थल पर बचाव कार्य (Rescue Operation) तुरंत शुरू कर दिया गया था। फिलहाल, को-पायलट का इलाज चल रहा है। जोरहाट एयरबेस पूर्वोत्तर भारत में वायुसेना का एक प्रमुख केंद्र है और इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।