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थाईलैंड में जल प्रदूषण के खिलाफ लोगों ने आवाज उठाया

नदियों को बचाने का जोरदार प्रदर्शन हुआ

एजेंसियां

बैंकॉकः उत्तरी थाईलैंड में जलमार्गों के प्रदूषण से उपजी हताशा के कारण 600 से अधिक निवासी छह दिनों तक चले एक विरोध मार्च में शामिल हुए। लगभग 68 किलोमीटर (42 मील से अधिक) की इस लंबी पदयात्रा के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नदियों में जहरीली धातुओं के बढ़ते संदूषण पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।

मोंगाबे की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन पिछले एक साल में सामने आए उन चौंकाने वाले तथ्यों के बाद हुआ, जिनमें उत्तरी थाईलैंड की नदियों में आर्सेनिक, पारा, कैडमियम और अन्य भारी धातुओं का स्तर असुरक्षित पाया गया था। चियांग माई और चियांग राय के स्थानीय निवासियों ने भिक्षुओं, छात्रों और नागरिक समाज समूहों के साथ मिलकर था टोन से चियांग राय तक मार्च निकाला।

रिवर्स एंड राइट्स फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक और इस मार्च की आयोजक, पियानपोरन डीटेस ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य जन-जागरूकता फैलाना, पर्यावरणीय क्षति को दर्ज करना और अधिकारियों पर तेजी से कदम उठाने के लिए दबाव बनाना था। उन्होंने स्पष्ट कहा, हम इसलिए चल रहे हैं क्योंकि हमारी नदियाँ धीरे-धीरे दम तोड़ रही हैं।

इस मामले में चीन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि म्यांमार से आयात किए जाने वाले रेयर अर्थ पदार्थों के खनन कार्यों को थाईलैंड की नदियों में बहने वाले प्रदूषण का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, चीनी दूतावास ने एक फेसबुक पोस्ट में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा किया है।

प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोक नदी के पास रहने वाले निवासियों के रक्त में आर्सेनिक की मौजूदगी पाई है, साथ ही पानी, मछलियों और तलछट में भी भारी धातुओं के अंश मिले हैं। यह संदूषण स्थानीय लोगों की दिनचर्या और आर्थिक स्थिति पर भी भारी पड़ रहा है।

चियांग माई और चियांग राय के 424 लोगों पर किए गए एक त्वरित स्वास्थ्य आकलन में पाया गया कि 70 प्रतिशत लोगों को पानी के उपयोग के तरीके बदलने पड़े हैं। कई परिवार साफ पानी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिमाह 2,600 बहत (लगभग 80 डॉलर) तक खर्च कर रहे हैं, जबकि लगभग दो-तिहाई लोगों ने प्रदूषण के कारण अपनी आय का नुकसान होने की बात स्वीकार की है।