Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
निकारागुआ के तानाशाह राष्ट्रपति ओर्टेगा की नई चाल यूरोप के अनेक देशों में अब दावानल का आतंक फैला अमेरिका ने ईरान पर नये सिरे से हमले किये मेट्रो स्टेशन की गहराई में रात बीता रहे हैं यूक्रेनी नागरिक यूक्रेन का एफ 16 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ साइनायड युक्त टमाटर खाने से पंद्रह हाथियों की मौत पुलिस चौकी पर आक्रमण में पांच अफसरों की मौत लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ...

मई महीने में यूक्रेन को सर्वाधिक जनहानि हुई

रूस के काफी अंदर तक हमला करने का उल्टा परिणाम

एजेंसियां

कीवः संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में चिंताजनक खुलासा किया है कि यूक्रेन में मई 2026 के दौरान नागरिकों की मौत और घायलों की संख्या अप्रैल 2022 के बाद से एक महीने में सबसे अधिक दर्ज की गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, मई में कम से कम 274 नागरिकों की जान गई और 1,763 अन्य घायल हुए हैं।

यह आंकड़ा पिछले वर्ष (मई 2025) की इसी अवधि की तुलना में 93 प्रतिशत की भारी वृद्धि को दर्शाता है, जब 191 मौतें और 865 लोग घायल हुए थे। शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इन हताहतों में से 45 प्रतिशत मामले रॉकेट और ड्रोन हमलों के कारण हुए हैं। ये हमले मुख्य रूप से कीव और निप्रो जैसे उन शहरों को निशाना बनाकर किए गए, जो युद्ध के अग्रिम मोर्चों (front line) से काफी दूर स्थित हैं।

युद्ध के मोर्चों के निकट के क्षेत्रों में, कम दूरी तक मार करने वाले ड्रोन नागरिकों की मौत का सबसे प्रमुख कारण बनकर उभरे हैं। मई के महीने में ड्रोन हमलों के कारण 64 लोगों की मृत्यु हुई और 539 लोग घायल हुए, जो युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक का एक महीने का सबसे भयावह रिकॉर्ड है।

उल्लेखनीय है कि यूक्रेन पिछले चार वर्षों से अधिक समय से पश्चिमी समर्थन के साथ रूसी आक्रमण का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 16,000 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं और 46,000 से अधिक घायल हुए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों तक पहुंच न होने के कारण, हताहतों के वास्तविक आंकड़े इन आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकते हैं क्योंकि कई घटनाएं दर्ज ही नहीं हो पाती हैं। यह रिपोर्ट यूक्रेन में जारी मानवीय संकट की गंभीरता को रेखांकित करती है।