नाइजीरियाई सेना ने अभियान के बाद सफलता का एलान किया
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बीस वर्षों से जारी है यह आतंक
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अब भी सैकड़ों बंधक कब्जे में हैं
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खुफिया जानकारी लेकर कार्रवाई की
एजेंसियां
बोर्नोः पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजीरिया की सेना ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकवादी संगठन बोको हराम के चंगुल से 360 नागरिकों को मुक्त कराया है। रविवार को सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान में इस सफल बचाव अभियान की पुष्टि की गई। सैन्य प्रवक्ता हारून सानी के अनुसार, यह बचाव अभियान नाइजीरिया के पूर्वोत्तर राज्य बोर्नो के दुर्गम मंदारा पहाड़ों में चलाया गया। बंधकों को आतंकियों ने इस सुदूर पहाड़ी इलाके में छिपाकर रखा हुआ था। सानी ने बताया कि इस साहसी ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले हफ्तों तक खुफिया जानकारी जुटाई गई और आतंकियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। सैन्य बल की इस योजनाबद्ध कार्रवाई ने बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की।
मुक्त कराए गए 360 लोगों में पुरुष, महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। हालांकि, यह बचाव अभियान एक दुखद खबर के साथ भी जुड़ा है। सैन्य प्रवक्ता ने अत्यंत खेद के साथ बताया कि कैद के दौरान अत्यधिक खराब स्थितियों और भीषण यातनाओं के कारण दो नवजात शिशुओं की मृत्यु हो गई। अधिकांश लोगों को मई की शुरुआत में अगवा किया गया था। सानी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान कुछ आतंकी आसपास के घने जंगलों में भागने में सफल रहे, जबकि कुछ अन्य ने सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
गौरतलब है कि बोको हराम पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से पूर्वोत्तर नाइजीरिया में अस्थिरता और हिंसा फैला रहा है। इस दौरान संगठन द्वारा नागरिकों का अपहरण एक सामान्य रणनीति बन गई है, विशेषकर बच्चों और नाबालिगों को निशाना बनाना उनकी क्रूर कार्यप्रणाली का हिस्सा है। इस क्षेत्र में अपहरण की घटनाओं का सबसे चर्चित मामला अप्रैल 2014 का है, जब बोको हराम ने चिबॉक के एक स्कूल से 276 छात्राओं का अपहरण कर लिया था। उस घटना के इतने वर्षों बाद भी, कई लड़कियां अभी तक लापता हैं और उनके परिवार आज भी उनकी वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह नई रिहाई यद्यपि एक राहत भरी खबर है, लेकिन यह क्षेत्र में व्याप्त निरंतर असुरक्षा को भी उजागर करती है।