Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indo MIM IPO: इंडो एमआईएम का 3812 करोड़ का आईपीओ 23 जुलाई से खुलेगा, जानें प्राइस बैंड और पूरी डिटेल Dishani Chakraborty Boyfriend: मिथुन चक्रवर्ती की बेटी दिशानी का ब्राइडल लुक वायरल, खूबसूरती देख दीव... Kids Constipation Remedies: बच्चों में कब्ज की समस्या दूर करेंगे ये 5 फल, पेट साफ होना होगा आसान Kidney Cancer Symptoms: सिर्फ दर्द ही नहीं, शरीर के ये 7 संकेत भी हो सकते हैं किडनी कैंसर का इशारा SpiceJet Acquisition: स्पाइसजेट को खरीदेगी गल्फ एयरलाइन? निवेश और अधिग्रहण को लेकर शुरुआती बातचीत शु... China Floods: चीन के 1 लाख बांध बने मुसीबत, बिना चेतावनी पानी छोड़ने से कई गांवों में भारी तबाही Nepal Coin Map Controversy: नेपाल ने 1 रुपये के सिक्के से हटाया विवादित नक्शा, अब होगी बौद्ध मठ की त... वर्फीले प्रदेश में सोना उगल रहा है माउंट एरेबस, देखें वीडियो Zohran Mamdani on Netanyahu: क्या अमेरिका में गिरफ्तार होंगे नेतन्याहू? न्यूयॉर्क के मेयर के बयान पर... Campa Cola Market Share: रिलायंस 'कैंपा' ने कोल्ड ड्रिंक बाजार में मचाया तहलका, पेप्सी और कोका-कोला ...

MCD Sealing Drive: मालवीय नगर हादसे के बाद MCD का महा-एक्शन; दिल्ली में 82 अवैध इमारतें ध्वस्त, 43 संपत्तियां सील

दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण और दर्दनाक आग के बाद, जिसमें 21 लोगों की असमय मौत हो गई थी, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण और रिहायशी भवनों के व्यावसायिक दुरुपयोग के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा महा-अभियान शुरू कर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक जून से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न प्रशासनिक जोनों में अब तक 82 अवैध संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण (Demolition) की बड़ी कार्रवाई की गई है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाली 43 अन्य व्यावसायिक संपत्तियों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। मालवीय नगर की इस भीषण त्रासदी ने पूरी राजधानी के प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है।

💼 उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश पर महा-अभियान: भवन निर्माण नियमों और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर लगेगी लगाम

एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह व्यापक और विशेष जांच अभियान दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल (LG) और मुख्यमंत्री के संयुक्त कड़े निर्देश पर चलाया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राजधानी में मास्टर प्लान और भवन निर्माण नियमों (Building Bylaws) का खुलेआम उल्लंघन करने वाले रसूखदार प्रतिष्ठानों, बिना फायर एनओसी के चल रहे होटलों और आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाना है, ताकि भविष्य में मालवीय नगर जैसी किसी दूसरी भयानक त्रासदी की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

📊 जानिए किस जोन में चला एमसीडी का पीला पंजा? सीलिंग और ध्वस्तीकरण की आधिकारिक रिपोर्ट

नगर निगम द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, एक जून से अब तक दिल्ली के विभिन्न जोनों में हुई कार्रवाई का आंकड़ा इस प्रकार है:

  • 📍 दक्षिण जोन (South Zone): इस क्षेत्र में सबसे कड़ा एक्शन लेते हुए अब तक 12 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है, जबकि नियमों को ताक पर रखने वाली 14 अन्य व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया गया है।

  • 📍 सिविल लाइंस जोन (Civil Lines Zone): यहाँ सरकारी नियमों के विरुद्ध बनाई गईं 7 अवैध इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया गया है।

  • 📍 नरेला जोन (Narela Zone): इस औद्योगिक व रिहायशी मिक्स जोन में 8 अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की सख्त कार्रवाई पूरी की गई है। एमसीडी ने साफ किया है कि अन्य जोनों में भी यह सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है।

🏢 दक्षिण दिल्ली का सैद-उल-अजैब इलाका बना अवैध निर्माण का गढ़: 40 से अधिक मकान सीलिंग के लिए चिन्हित

एमसीडी के जांच अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण दिल्ली के सैद-उल-अजैब (Said-ul-Ajaib) इलाके में भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और अवैध कमर्शियल एक्टिविटीज के मामले सबसे बड़ी संख्या में सामने आए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के कारण यहाँ 40 से अधिक बहुमंजिला मकानों को सील करने के लिए चिन्हित (Mark) किया गया है, जिन पर बहुत जल्द एक्शन होगा। इसके अलावा, मालवीय नगर और हौज रानी क्षेत्र के संकरे रास्तों पर संचालित हो रहे कम से कम 12 बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) गेस्ट हाउसों और होटलों को भी कड़े सुरक्षा ऑडिट और जांच के दायरे में लिया गया है।

🍽️ हौज खास विलेज के नामचीन रेस्तरां भी जांच के दायरे में: लाइसेंस शर्तों और सुरक्षा से खिलवाड़ पर होगी जेल

नगर निगम की यह विशेष जांच केवल आवासीय या साधारण भवनों तक ही सीमित नहीं है। दक्षिण दिल्ली के सबसे व्यस्त और अपनी नाइटलाइफ़ के लिए मशहूर सैद-उल-अजैब, हौज खास गांव (Hauz Khas Village) और उसके आसपास के पॉश क्षेत्रों में संचालित होने वाले कई नामचीन रेस्तरां, पब, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी फायर सेफ्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर जांच की जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन भी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास द्वारों (Emergency Exits), भवन नियमों और वैध लाइसेंस संबंधी शर्तों का उल्लंघन पाया जाएगा, उन्हें बिना कोई मोहलत दिए तत्काल सील कर उनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इससे खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।