Haryana Fuel Alert: पेट्रोल-डीजल की अवैध तस्करी पर हरियाणा सरकार सख्त; सीमावर्ती जिलों में चेक पोस्ट और निगरानी के आदेश
हरियाणा सरकार ने राज्य में डीजल और पेट्रोल की असामान्य रूप से बढ़ती बिक्री और पड़ोसी राज्यों में ईंधन की कथित अवैध ढुलाई को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य के सभी उपायुक्तों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि आपूर्ति व्यवस्था और सरकारी राजस्व को सुरक्षित रखा जा सके।
📊 असामान्य बिक्री पर सरकार की नजर
सरकार को ऐसी रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं जिनमें कई जिलों में खुदरा पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में डीजल और पेट्रोल की खरीदारी की जा रही है। जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ परिवहन संचालक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सीधे तेल कंपनियों से ईंधन लेने के बजाय पेट्रोल पंपों से स्टॉक कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने असामान्य बिक्री वाले पंपों के ऑडिट के आदेश दिए हैं।
🛡️ क्या होंगे नए सुरक्षा उपाय?
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सघन जांच: बिना वैध बिल, डिलीवरी चालान और सुरक्षा प्रमाणपत्र के ईंधन ले जाने वाले टैंकरों की सघन जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर टैंकर जब्त किए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई होगी।
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उड़नदस्ते और चेक पोस्ट: यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल, नूंह, सिरसा, फतेहाबाद और अंबाला जैसे सीमावर्ती जिलों में 24 घंटे चेक पोस्ट स्थापित किए जा रहे हैं।
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संयुक्त अभियान: जिला प्रशासन, पुलिस और कर विभाग मिलकर विशेष उड़नदस्ते (Flying Squads) के जरिए निगरानी करेंगे।
📢 आम जनता के लिए स्पष्ट संदेश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, इसलिए लोगों को घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी (Panic Buying) करने की आवश्यकता नहीं है। इस अभियान की प्रतिदिन की रिपोर्ट शाम 5 बजे तक मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थिति पर निरंतर नियंत्रण बना रहे।
संपादकीय टिप्पणी: ईंधन की अवैध ढुलाई न केवल राजस्व का नुकसान है बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक हो सकती है। क्या आपको लगता है कि इस तरह के ‘चेक पोस्ट’ से जमाखोरी और कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लग पाएगा? अपने विचार नीचे साझा करें।