Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पिछले चार दशकों से डाक्टर और मरीज दोनों गलतफहमी में थे घने जंगलों के निवासियों का अपनी गुप्त संवाद तंत्र कायम है, देखें वीडियो Namo Bharat News: दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत की 10 अतिरिक्त ट्रिप्स; अब और भी आसान होगा सफर असम में समान नागरिक संहिता विधेयक पास Border Security News: घुसपैठ और तस्करी पर नकेल; अमित शाह ने जिला अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी,... Modi Govt 12 Years: मोदी सरकार के केंद्र में 12 साल पूरे; भाजपा मनाएगी भव्य जश्न, 2047 का रोडमैप होग... अगले चुनाव में 33 फीसद सीट महिलाओं कोः  नारा लोकेश Ayushman Bharat Delhi: दिल्ली में 7.72 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी; 10 लाख तक का मिल रहा कैशले... वामपंथी समर्थकों ने अफसरों पर हमला कर दिया Annapurna Bhandar Update: लक्ष्मी भंडार में गड़बड़ियों का दावा; बंगाल सरकार ने शुरू की नई स्कीम, जून स...

Bijapur Fire News: तेंदूपत्ता गोदाम में 10 करोड़ की आग; वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर DFO को किया निलंबित

बीजापुर: बीजापुर के इटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में मंगलवार को लगी भीषण आग के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में लगभग 10 करोड़ रुपये के तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गए थे। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए बीजापुर के वनमंडलाधिकारी (DFO) रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। जांगड़े को रायपुर स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में अटैच किया गया है।

⚖️ नई नियुक्ति और सख्त संदेश

घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप की नाराजगी साफ देखी गई। वन मंत्री ने तत्काल प्रभाव से जाधव सागर रामचंद्र को बीजापुर का नया डीएफओ नियुक्त किया है। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वनवासियों और आदिवासियों की आजीविका के साथ किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता केवल एक वन उपज नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की मेहनत की कमाई है, जिसकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

🔍 उच्चस्तरीय समीक्षा और जांच के निर्देश

डीएफओ को हटाने से पूर्व, वन मंत्री कश्यप ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली और घटना की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में गोदामीकरण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों का पालन, अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका और वित्तीय नुकसान के हर पहलू को खंगाला जाएगा। शासन का लक्ष्य न केवल दोषियों की जवाबदेही तय करना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना है।

⚠️ लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन

25 मई 2026 को हुई इस घटना ने तेंदूपत्ता संग्रहण की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। प्रशासन द्वारा कराए जा रहे प्रारंभिक आंकलन में नुकसान 10 करोड़ के करीब बताया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस लापरवाही के लिए दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।