प्रशासन ने लोगों को ऊपर जाने का आग्रह किया
एजेंसियां
रक्का, सीरियाः अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उत्तरी और पूर्वी सीरिया में पिछले दो दिनों में फरात नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी के तटों पर रहने वाले निवासियों से आंतरिक (सुरक्षित) इलाकों में जाने का आग्रह किया है।
इस बाढ़ में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। सीरिया में ऐसी बाढ़ आना दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि दशकों पहले तुर्किये द्वारा बांध बनाए जाने के बाद से सीरिया और इराक में फरात नदी के प्रवाह को नियंत्रित किया जाता रहा है। इस बाढ़ ने उत्तरी प्रांत रक्का और पूर्वी प्रांत डेर एल-ज़ोर को प्रभावित किया है।
सरकारी मीडिया ने बताया कि बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्रों के साथ-साथ इस क्षेत्र के घरों और व्यवसायों को काफी नुकसान हुआ है। बता दें कि इस क्षेत्र में इस साल की शुरुआत में सरकारी बलों और कुर्द लड़ाकों के बीच झड़पें भी देखी गई थीं। यह बाढ़ इस साल सामान्य से अधिक हुई बारिश का परिणाम है, जिसके कारण अधिकारियों को फरात बांध पर दबाव कम करने के लिए उसके कुछ गेट्स को खोलना पड़ा।
सरकारी समाचार एजेंसी साना ने कहा कि बांध के गेट खोले जाने से लगभग 1,800 घन मीटर (63,566 घन फीट) प्रति सेकंड की दर से पानी बह रहा है, जिससे जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है। इसमें कहा गया है कि आने वाले घंटों में नदी का जलस्तर लगभग 2 मीटर (6.5 फीट) तक और बढ़ सकता है।
इस बाढ़ से प्रभावित होने वालों में 65 वर्षीय मोहम्मद अमीन भी शामिल हैं, जिनका रक्का में प्रसिद्ध ग्रीक हाउस रेस्तरां आंशिक रूप से पानी में डूब गया, जिससे हजारों डॉलर का नुकसान हुआ। रेस्तरां के मुख्य हॉल में, जहां पानी कई सेंटीमीटर ऊपर तक भरा हुआ था, मछलियों को तैरते हुए देखा जा सकता था। अमीन ने कहा, हमारा नुकसान बहुत बड़ा है। उन्होंने आगे बताया कि रेस्तरां के रेफ्रिजरेटर ने काम करना बंद कर दिया है और नदी के किनारे रखी 200 से अधिक कुर्सियां बाढ़ के पानी में बह गईं।
रक्का प्रांत के मादान शहर से विस्थापित हुईं 50 वर्षीय सभा मोहम्मद के लिए यह आपदा एक नया दर्द लेकर आई। नदी के किनारे बने जिस तंबू में वह रह रही थीं, वहां से उनका अधिकांश सामान बाढ़ के पानी में बह गया। उन्होंने कहा, सुबह का वक्त था जब अचानक बाढ़ का पानी आना शुरू हुआ। सीरिया के नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) विभाग ने लोगों को नदी में न तैरने, छोटे पुलों को पार करने से बचने और बाढ़ के समय नावों का उपयोग न करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही प्रशासन ने निवासियों से अपने मवेशियों को लेकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने की अपील की है।