धनबाद में भाकपा माले का प्रदर्शन: निरसा-गोविंदपुर एलिवेटेड फ्लाईओवर की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, DPR सार्वजनिक करने की मांग
धनबाद (झारखंड): कोयलांचल नगरी धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया।
धरने के दौरान माले नेताओं ने निरसा और गोविंदपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटेड फ्लाईओवर (Elevated Flyover) के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए। पार्टी नेताओं ने निर्माण में अनियमितता रोकने, परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) सार्वजनिक करने और स्थानीय निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इस धरना प्रदर्शन में निरसा विधायक अरूप चटर्जी और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
🏗️ “लोकल सरिए का हो रहा उपयोग और पाइलिंग कमजोर”, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने जताई बड़े हादसे की आशंका
धरना स्थल को संबोधित करते हुए निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि निरसा और गोविंदपुर में ओवरब्रिज व फ्लाईओवर के निर्माण की मांग वर्ष 2008 से की जा रही है, जिसके लिए जनता ने लंबा संघर्ष और आंदोलन किया है।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गोविंदपुर में बन रहे फ्लाईओवर में निम्न स्तर के लोकल सरिए का उपयोग किया जा रहा है और पाइलिंग (Piling) की गुणवत्ता भी बेहद लचर है। विधायक चटर्जी ने स्पष्ट किया कि माले विकास कार्यों का विरोधी नहीं है, किंतु किसी भी कीमत पर निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अविलंब डीपीआर सार्वजनिक करने और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने की मांग की।
👷 “स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा रोजगार”, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने दी आंदोलन की चेतावनी
वहीं, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी फ्लाईओवर निर्माण की गति और गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मानक के अनुरूप निर्माण होना चाहिए था, वैसा कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने चेतावनी जारी की कि यदि इसी प्रकार का गुणवत्ताहीन कार्य जारी रहा, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को अपेक्षित स्तर पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। माले ने इस धरने के माध्यम से जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।