Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Kanpur ITBP Jawan Case: कानपुर में ITBP जवान की मां का हाथ काटने का मामला; दूसरी जांच में दोनों अस्प... Jaisalmer Dumping Yard: जैसलमेर के बड़ाबाग डंपिंग यार्ड में खुले में मिले मृत गोवंश; लोगों में भारी ... भारतीय अर्थव्यवस्था: सिडबी के स्थापना दिवस पर बोलीं वित्त मंत्री— भारत में डर का माहौल बनाने की कोई ... Iran-US Nuclear Deal: ईरान-अमेरिका परमाणु समझौते की फाइनल रिपोर्ट लेकर चीन पहुंचे पाक सेना प्रमुख आस... UP Panchayat Chunav: यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म, लेकिन योगी सरकार का बड़ा फैसला— प्रधा... NEET Re-Exam 2026: नीट री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत; इन 3 राज्यों में मिलेगी मुफ्त ब... Gulmarg Gondola News: गुलमर्ग केबल कार में आई तकनीकी खराबी; हवा में फंसे 300 पर्यटक, रेस्क्यू ऑपरेशन... West Bengal Crime: हावड़ा के कथित डॉन आकाश सिंह पर पुलिस का बड़ा एक्शन; सड़कों पर कराया क्राइम सीन र... Twisha Sharma Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में बड़ा एक्शन; मृतका की सास गिरीबाला सिंह को... Ludhiana Crime News: लुधियाना में 16 वर्षीय साहिल की बीच सड़क पर बेरहमी से हत्या; तेजधार हथियारों से...

Punjab Police Crackdown: पंजाब पुलिस का गैंगस्टरों पर बड़ा प्रहार; 529 ठिकानों पर छापेमारी, 269 गिरफ्तार

जालंधर/चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चल रही निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरों पर वार’ अपने 124वें दिन एक बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गई है। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) के कड़े निर्देशों पर आज राज्य पुलिस की विशेष विंगों और जिला पुलिस टीमों ने पूरे प्रदेश में गैंगस्टरों के सक्रिय सहयोगियों, मददगारों और स्लीपर सेल्स के पहले से चिन्हित और डिजिटल रूप से मैप किए गए कुल 529 ठिकानों पर एक साथ योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी (Mega Raid) की। इस औचक और बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से पूरे राज्य के आपराधिक नेटवर्क और सिंडिकेट में भयंकर खलबली मच गई है।

⛓️ 124वें दिन 11 भगौड़ों (PO) सहित 269 आरोपी गिरफ्तार: अभियान के शुरू होने से अब तक कुल 31,699 गिरफ्तारियां

आधिकारिक मुख्यालय से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, इस विशेष कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के दौरान पुलिस टीमों ने घातक हथियारों की बरामदगी के साथ कुल 269 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ताजा कार्रवाई के साथ ही जब से यह गैंगस्टर विरोधी अभियान शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक कुल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या का आंकड़ा बढ़कर 31,699 तक पहुंच गया है।

इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित खतरों को टालने के लिए 100 आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त एहतियाती कानूनी कार्रवाई (Preventive Action) की गई है, जबकि संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए 16 व्यक्तियों को गहन पूछताछ और वेरिफिकेशन के बाद छोड़ दिया गया। इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने अदालतों द्वारा घोषित किए गए 11 मोस्ट वांटेड भगौड़े अपराधियों (Proclaimed Offenders – P.O.) को भी दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

❄️ ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के 449वें दिन भी बड़ी स्ट्राइक: 72 नशा तस्करों से 30.6 किलो हेरोइन और ड्रग मनी बरामद

इसी राज्यव्यापी महा-ऑपरेशन के दौरान पंजाब पुलिस ने नशों के काले कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए समर्पित अपनी दूसरी मुख्य मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ (War Against Drugs) के 449वें दिन भी अपनी आक्रामक कार्रवाई जारी रखी। नशा विरोधी विंग ने विभिन्न जिलों में नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान 72 कुख्यात नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

सुरक्षा बलों ने इन अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय तस्करों के कब्जे से कुल 30.6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध हेरोइन (स्मैक), 271 प्रतिबंधित नशीली गोलियां/कैप्सूल और तस्करी के जरिए कमाई गई ₹4,200 की अवैध ड्रग मनी (Drug Money) बरामद की है। इस भारी रिकवरी के बाद स्थानीय पुलिस थानों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नए मामले दर्ज किए गए हैं।

📊 449 दिनों में 65 हजार से अधिक तस्कर सलाखों के पीछे: पुनर्वास उपचार के लिए 13 युवाओं को किया गया प्रेरित

पंजाब पुलिस की इस लंबी और निरंतर चल रही नशा विरोधी मुहिम के तहत जारी आंकड़ों के मुताबिक, केवल 449 दिनों के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल छोटे-बड़े नशा तस्करों की संख्या अब 65,417 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस दंडात्मक कार्रवाई के समानांतर, सामाजिक सरोकार और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग टीमों ने नशे के दलदल में फंसे 13 स्थानीय युवाओं और व्यक्तियों की काउंसलिंग की। पुलिस ने उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उनका जीवन बचाने के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में पुनर्वास उपचार (Rehabilitation Treatment) के लिए स्वेच्छा से आगे आने के लिए प्रेरित भी किया।