Punjab Govt Office Timing: पंजाब में बदला सरकारी दफ्तरों का समय; पहले ही दिन लुधियाना में उड़ीं मान सरकार के आदेश की धज्जियां
लुधियाना: पंजाब सरकार की तरफ से आज से सरकारी दफ्तरों के समय में किए गए ऐतिहासिक और बड़े बदलाव का औद्योगिक नगरी लुधियाना में पहले ही दिन मिला-जुला नहीं, बल्कि बेहद फीका और निराशाजनक असर देखने को मिला। राज्य में भीषण गर्मी के मद्देनजर बिजली की भारी खपत और लोड को बचाने के मकसद से भगवंत मान सरकार ने आज से राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक करने का नया फरमान जारी किया था। लेकिन लुधियाना के ज्यादातर प्रमुख सरकारी दफ्तरों में पहले ही दिन इस मुख्यमंत्री आदेश की जमकर धज्जियां उड़ीं। सुबह साढ़े सात बजे जब दफ्तर खुले, तो वे पूरी तरह खाली पड़े रहे और छोटे बाबू से लेकर बड़े अधिकारी तक समय पर अपनी निर्धारित सीट पर नहीं पहुंचे।
💡 खाली कुर्सियों पर धड़ल्ले से चल रहे थे पंखे और एसी: बिजली बचाने का सरकारी दावा पहले ही दिन हुआ हवा-हवाई
हैरानी और हद तो तब हो गई जब दफ्तरों में कर्मचारियों और अधिकारियों की कुर्सियां पूरी तरह खाली होने के बावजूद कमरों में लाइटें, पंखे और एसी धड़ल्ले से चल रहे थे। जिस बिजली को बचाने के लिए सरकार ने सुबह का समय निर्धारित किया था, उसी बिजली की बर्बादी पहले ही दिन साफ दिखाई दी, जिससे सरकार का यह दावा पहले ही दिन पूरी तरह हवा होता दिखा।
इस नए समय बदलाव को लेकर अभी लुधियाना की आम जनता में भी ज्यादा जागरूकता और जानकारी देखने को नहीं मिल रही है, जिसके चलते सुबह के समय अपनी फाइलों और कामों के सिलसिले में पहुंचने वाली पब्लिक भी बेहद कम संख्या में दिखाई दी।
🏢 नगर निगम, डीसी दफ्तर और प्रदूषण बोर्ड के बाबू रहे लेटलतीफ: पहले दिन की ढील का बनाया बहाना
समीक्षा के दौरान पाया गया कि लुधियाना नगर निगम कार्यालय (MC Office), डी.सी. दफ्तर (DC Office), ग्लाडा ऑफिस (GLADA) और पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB) जैसे बड़े, संवेदनशील और सबसे महत्वपूर्ण विभागों के अधिकांश कर्मचारी व अधिकारी सुबह 7:30 बजे तक अपनी ड्यूटी पर पहुंचने में पूरी तरह नाकाम रहे।
सुबह 8:00 बजे के बाद दफ्तर पहुंचने वाले इन लेटलतीफ कर्मचारियों ने कैमरे और मीडिया के सामने इसके पीछे “पहला दिन” होने और अचानक दिनचर्या बदलने का लचर बहाना बनाया।
⛓️ एक्शन मोड में आए आला प्रशासनिक अधिकारी: कल से लेटलतीफी पर कड़े एक्शन और निलंबन की दी सख्त चेतावनी
सरकारी दफ्तरों में पहले ही दिन दिखी इस भारी लापरवाही और अनुशासनहीनता के बाद अब जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मीडिया को इस बात का पुख्ता भरोसा दिलाया है कि आज पहला दिन होने के कारण कर्मचारियों को थोड़ी ढील दी गई थी, लेकिन कल से इस नई व्यवस्था को पूरी तरह से सुव्यवस्थित और अनिवार्य कर दिया जाएगा।
अधिकारियों ने साफ और कड़े शब्दों में अंतिम चेतावनी जारी की है कि कल से जो भी कर्मचारी या अधिकारी तय समय यानी सुबह 7:30 बजे अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिलेगा, उसके खिलाफ तत्काल