Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष भेजने के लिए नया अंतरिक्ष यान, देखें वीडियो Make in India Security Breach: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ खिलवाड़; सप्लायर कंपनी पर HAL की सख्... Surat Police Bravery: सूरत पुलिस ने दिखाई दरियादिली; जहर खाने वाले युवक को 7वीं मंजिल से सुरक्षित बच... Mamata Banerjee FIR: ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ बयान के मामले में कोलकाता में दर्ज हुई FIR Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह ब... Jammu-Kashmir Border Alert: घुसपैठ की साजिश! कठुआ सेक्टर में जैश आतंकियों की सक्रियता, हाई अलर्ट पर ... Supreme Court on Officer Dispute: रोहिणी सिंदूरी और डी रूपा मौदगिल विवाद; SC ने जस्टिस कुरियन जोसेफ ... पेंटागन में अचानक बज उठा था एन्थेक्स का अलार्म टेंडर सिंडिकेट पर शिकंजा: प्रशासनिक तंत्र की परीक्षा बन गया PM Modi 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल 'जनकल्याण और सुशासन' का प्रतीक ...

ट्रम्प ने ताइवान के नेता से बात करने की इच्छा जताई

राजनयिक मानदंडों में फिर यू टर्न ले लिया राष्ट्रपति ने

एजेंसियां

वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते से बात करने की संभावना जताई है, जो किसी भी अमेरिकी नेता के लिए एक अभूतपूर्व कदम और स्थापित राजनयिक मानदंडों से एक बड़ा विचलन होगा। साल 1979 के बाद से अमेरिका और ताइवान के राष्ट्रपतियों ने आपस में सीधे बात नहीं की है, जब वाशिंगटन ने ताइपे के बजाय बीजिंग को आधिकारिक राजनयिक मान्यता देना शुरू किया था।

मैरीलैंड के जाइंट बेस एंड्रयूज में बुधवार को पत्रकारों ने जब ट्रम्प से पूछा कि क्या वह ताइवान को हथियारों की बिक्री के बड़े सौदे को मंजूरी देने से पहले वहां के राष्ट्रपति लाई को फोन करेंगे, तो उन्होंने कहा, मैं उनसे बात करूँगा। एयर फोर्स वन विमान में सवार होने से पहले ट्रम्प ने कहा, मैं हर किसी से बात करता हूँ। हमने उस स्थिति को बहुत अच्छी तरह से संभाल रखा है। हम ताइवान की समस्या पर काम करेंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प प्रशासन ने इस फोन कॉल को लेकर किसी योजना पर काम आगे बढ़ाया है या नहीं।

ताइवान के राष्ट्रपति लाई से संभावित बातचीत को लेकर ट्रम्प का यह बयान बीजिंग की उनकी बेहद चर्चित यात्रा से लौटने के ठीक कुछ दिनों बाद आया है। उस यात्रा के दौरान चीनी नेता शी जिनपिंग ने ट्रम्प को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर ताइवान के मामले को ठीक से नहीं संभाला गया, तो यह एक बेहद खतरनाक स्थिति का रूप ले सकता है।

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ताइवान पर कभी नियंत्रण न होने के बावजूद उसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानती है और उसने लंबे समय से इस द्वीप को मुख्य भूमि चीन के साथ पुनः एकीकृत करने का संकल्प लिया है, जिसके लिए वह आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग की बात भी कहती है। अपनी वन चाइना नीति के तहत, अमेरिका चीन के इस रुख को स्वीकार तो करता है कि ताइवान चीन का हिस्सा है, लेकिन उसने इस द्वीप पर कम्युनिस्ट पार्टी के दावे को कभी आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।

वाशिंगटन ताइवान के साथ मजबूत अनौपचारिक संबंध बनाए रखता है और ताइवान रिलेशंस एक्ट के तहत इस स्वशासित द्वीप को रक्षात्मक हथियार प्रदान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। इसके अलावा, ताइवान को दिए गए 1982 के एक अमेरिकी आश्वासन के अनुसार, वाशिंगटन की हथियारों की बिक्री पर बीजिंग के साथ परामर्श करने की कोई नीति नहीं है।