गलतफहमी में गिरफ्तार राज सिंह को मिली क्लीन चिट
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दूसरा राज सिंह भी पकड़ा गया
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हथियार सप्लायर भी गिरफ्तार हुआ
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हत्या की वजह पर अजीब सी चुप्पी
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में एक बड़ा यू-टर्न आया है। उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले राज सिंह, जिन्हें इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में गिरफ्तार किया गया था, को अब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने क्लीन चिट दे दी है। जांच एजेंसी का कहना है कि राज सिंह की गिरफ्तारी महज नाम के भ्रम के कारण हुई थी। इस बीच यह सवाल अब भी अनुत्तरित है कि आखिर चंद्रनाथ की हत्या क्यों और किसके कहने पर की गयी थी।
सीबीआई के मुताबिक, कोलकाता पुलिस ने राज सिंह को मुख्य शूटर राजकुमार सिंह समझकर गलती से हिरासत में ले लिया था। असली मुख्य आरोपी राजकुमार सिंह भी बलिया का ही निवासी है, जिसे बाद में मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से दबोचा गया।
शुरुआती तफ्तीश के दौरान कोलकाता पुलिस ने सबसे पहले बिहार के बक्सर से विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा नाम के दो संदिग्धों को उठाया था। पूछताछ में जब राज सिंह नाम सामने आया, तो पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर 11 मई को अयोध्या से राज को गिरफ्तार कर लिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज सिंह को हिरासत में लेकर बंगाल पुलिस के सुपुर्द किया था। गिरफ्तारी के वक्त राज लखनऊ में एक एमएलसी की शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने परिवार और दोस्तों के साथ लौट रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद, भाजपा नेताओं के साथ उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं, जिससे इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था।
इस बीच, मामले की जांच तेज करते हुए सीबीआई ने यूपी एसटीएफ की मदद से मुख्य हथियार सप्लायर नवीन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को सीबीआई ने वाराणसी से विनय राय नाम के एक और आरोपी को दबोचा था, जो गाजीपुर के देवरिया गांव का रहने वाला है।
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई 2026 को कर दी गई थी, जिसकी गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी को इस पूरी हत्या की साजिश में कुल 8 लोगों के शामिल होने का संदेह है, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।