Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क... रूढ़ियों को तोड़ा: बुरहानपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटी ने मां को दी मुखाग्नि, पति के सपोर्ट से निभ... उज्जैन महाकाल मंदिर में श्रावण माह में बना नया कीर्तिमान: पहली बार 1.57 करोड़ से अधिक भक्तों ने किए ... सतना-चित्रकूट में बाढ़ का विकराल रूप: मंदाकिनी नदी उफान पर, चारों तरफ से संपर्क टूटा; NDRF व SDERF क... एम्स भोपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का महा-विस्तार: नवंबर से रोबोटिक सर्जरी, ₹7500 में PET-CT और फेफड़... खंडवा रेलवे स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस में हड़कंप: पेंट्री कार का खाना खाने से 20 बच्चों की बिगड़ी तब... पन्ना में बोरवेल बना काल: 8 दिन में एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत, पिता-छोटे भाई के बाद बड़े बेटे... रक्षाबंधन पर दिवंगत भाइयों की याद में महिला ने लगाई फांसी: शिवपुरी के महलसराय की घटना, इलाके में शोक जबलपुर-भोपाल NH-45 पर बंद ढाबे में चल रहा था अवैध गैस रिफिलिंग का काला खेल: पुलिस का छापा, 3 गिरफ्ता... जबलपुर: भड़पुरा घाट पर नर्मदा नदी में बहे महाराष्ट्र के पिता-पुत्र; 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं, SDRF ...

केंद्र सरकार को बड़ा लाभांश देगी आरबीआई

मोदी सरकार पर नये सिरे से मेहरबानी की तैयारी

  • आगामी 22 मई को इसकी बैठक होगी

  • बैंक का लाभांश सरकार को मिलता है

  • पिछले साल 2.68 लाख करोड़ रुपये दिये

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: आर्थिक मामलों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक का केंद्रीय बोर्ड वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार को एक रिकॉर्ड अधिशेष (सरप्लस) हस्तांतरण पर विचार करने के लिए 22 मई को बैठक करेगा। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि यह अधिशेष हस्तांतरण — जिसे आमतौर पर सरकार को दिया जाने वाला केंद्रीय बैंक का लाभांश (डिविडेंड) कहा जाता है — 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और केंद्रीय बैंक के अधिशेष हस्तांतरण से लाभांश के रूप में 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया है। पिछले साल आरबीआई ने 2.68 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए थे, जो उससे पिछले वर्ष की तुलना में 27 फीसद अधिक था।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि लाभांश भुगतान की इस मजबूत स्थिति को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप (फॉरेक्स इंटरवेंशन) और निवेश से होने वाली आय से समर्थन मिलने की उम्मीद है। वहीं, अगर आरबीआई अपने आकस्मिक जोखिम बफर (कंटिनजेंसी रिस्क बफर) को कम रखने का फैसला करता है, तो लाभांश की यह राशि अनुमान से भी अधिक हो सकती है। लाभांश की अंतिम राशि शुक्रवार को मुंबई में होने वाली आरबीआई बोर्ड की बैठक में तय की जाएगी।

आरबीआई के इस बड़े लाभांश से सरकार के गैर-कर राजस्व को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे वित्तीय घाटे (फिस्कल डेफिसिट) को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। अधिशेष हस्तांतरण का यह निर्णय आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड द्वारा स्वीकृत संशोधित आर्थिक पूंजी ढांचे के तहत लिया जाएगा। इस नियम के अनुसार, आकस्मिक जोखिम बफर को आरबीआई की बैलेंस शीट के 4.5 फीसद से 7.5 फीसद के दायरे में बनाए रखना होता है।