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Rishikesh Train Accident: ऋषिकेश में बड़ा ट्रेन हादसा टला; शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरे, पिलर से टकराई बोगी

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास सोमवार देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा होने से बाल-बाल टल गया। स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित खांड गांव के समीप शंटिंग (Shunting) प्रक्रिया के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस का इंजन और कई डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। मेंटेनेंस यार्ड की तरफ जा रही इस खाली ट्रेन की एक बोगी अचानक अनियंत्रित होकर रेलवे के पिलर से जा टकराई, जिससे वह बोगी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेलवे परिसर और आस-पास के पूरे रिहायशी इलाके में हड़कंप मच गया और भारी आवाज सुनकर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।

🚉 खाली ट्रेन होने से टली बड़ी जनहानि: सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और पुलिस बल की टीमें मौके पर पहुंचीं

राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि घटना के समय ट्रेन पूरी तरह से खाली थी और उसमें कोई भी यात्री मौजूद नहीं था, जिसके कारण किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की कोई खबर नहीं है। रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रेन में यात्री सवार होते, तो स्थिति बेहद गंभीर, जानलेवा और भयावह हो सकती थी। घटना की भयावहता की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गईं।

👮 सुरक्षाबलों ने भीड़ को हटाकर शुरू कराया रेस्क्यू: एसपी अरुणा भारती ने बताया कैसे पटरी से उतरी उज्जैनी एक्सप्रेस

मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुर्घटनास्थल पर जुटी उत्सुक ग्रामीणों की भारी भीड़ को वहां से सुरक्षित दूरी पर हटाया। इसके साथ ही रेलवे के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी इंजीनियरों का एक विशेष दल भी घटनास्थल पर स्थिति को संभालने के लिए पहुंच गया। जीआरपी (GRP) की पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार देर रात योगनगरी से संचालित होने वाली उज्जैनी एक्सप्रेस का लोको पायलट ट्रेन को मंगलवार की आगामी यात्रा के लिए तैयार कर रहा था। यार्ड में ट्रेन की शंटिंग और पटरी बदलने (टैक चेंजिंग) की प्रक्रिया के दौरान ही यह ट्रेन हादसे का शिकार हो गई।

⚙️ ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी या लोको पायलट की लापरवाही? असली वजह तलाशने के लिए जांच कमेटी गठित

प्राथमिक और तकनीकी जानकारियों के अनुसार, ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में अचानक आई कोई बड़ी तकनीकी खराबी को इस दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं, रेलवे के कुछ अंदरूनी सूत्रों का यह भी कहना है कि लोको पायलट की मानवीय लापरवाही भी इस हादसे का एक बड़ा कारण हो सकती है। हालांकि, रेल प्रशासन इस मामले पर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है और हादसे के सही व सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी (Inquiry Committee) गठित कर दी गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

🛠️ क्षतिग्रस्त डिब्बों को मुख्य ट्रेन से किया गया अलग: यार्ड में हादसा होने से मुख्य रेल यातायात पूरी तरह सामान्य

वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (Senior Commercial Manager) महेश यादव ने बताया कि इंजन और कुछ डिब्बों के पहिए पटरी से नीचे उतरे हैं, जिन्हें क्रेन और कटर मशीनों की मदद से वापस ट्रैक पर लाने का काम युद्धस्तर पर जारी रखा गया। एहतियात के तौर पर क्षतिग्रस्त डिब्बों को मुख्य ट्रेन से काटकर अलग कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, चूंकि यह हादसा मुख्य लाइन (Main Line) के बजाय मेंटेनेंस यार्ड के पास हुआ है, इसलिए ऋषिकेश आने-जाने वाला मुख्य रेल यातायात बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुआ है और सभी निर्धारित रेल सेवाएं अपने तय समय से सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।