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पूर्व सीएम विजयन के समर्थन में खड़ी हुई पार्टी

पार्टी का नेतृत्व सामूहिक होता हैः माकपा

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल विधानसभा चुनावों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की करारी शिकस्त के बाद माकपा के भीतर मंथन और बचाव का दौर शुरू हो गया है। माकपा के महासचिव एम.ए. बेबी ने स्पष्ट किया है कि इस हार के लिए पिनाराई विजयन को अकेले नैतिक जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी एक सामूहिक इकाई के रूप में कार्य करती है और श्री विजयन ने इसके सबसे वरिष्ठ सदस्य के रूप में अभियान का नेतृत्व किया था।

नई दिल्ली में पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में एम.ए. बेबी ने उन सवालों का जवाब दिया, जिनमें विजयन के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा, केरल में उन्हें ही नैतिक जिम्मेदारी क्यों लेनी चाहिए? हमारी पार्टी एक सामूहिक संगठन है। बेबी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पार्टी जीतती, तो मुख्यमंत्री पद का निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाता। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर उन्होंने सस्पेंस बरकरार रखा और कहा कि इसका निर्णय राज्य इकाई द्वारा लिया जाएगा।

दूसरी ओर, गठबंधन सहयोगी भाकपा के सुर थोड़े अलग नजर आए। भाकपा के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने चुनाव परिणामों को एक चेतावनी करार देते हुए कहा कि कम्युनिस्ट संगठनों को जनता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए इशारा किया कि वामपंथी दलों में विचारधारा से ऊपर व्यक्तियों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। भाकपा ने इस बात के मूल्यांकन का भी आह्वान किया कि क्या कैडर और आम जनता आंदोलन से दूर हो गई है। इसके साथ ही, भाकपा ने विधानसभा में उप-नेता प्रतिपक्ष के पद की मांग भी की है।

एम.ए. बेबी ने एलडीएफ की हार को चौंकाने वाला बताया, विशेष रूप से पिछले एक दशक में सरकार द्वारा किए गए कार्यों के संदर्भ में। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य का वित्तीय गला घोंटने का आरोप लगाते हुए इसे एक प्रतिशोधी कार्रवाई बताया। केरल में भाजपा की तीन सीटों पर जीत को उन्होंने एक परेशान करने वाला घटनाक्रम करार दिया। इस बीच, भाकपा महासचिव डी. राजा ने आरएसएस-भाजपा शासन की नीतियों के खिलाफ व्यापक जन प्रतिरोध बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने घोषणा की कि भाकपा 6 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक देशव्यापी मार्च आयोजित करेगी ताकि बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता से सीधा संवाद किया जा सके।