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राज्यसभा चुनाव में दो अवैध वोटों को खारिज करने की मांग

बीजद ने कहा दत्तेश्वर होता को विजेता घोषित करें

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः ओडिशा में राज्यसभा चुनावों के नतीजों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजू जनता दल (बीजद) ने निर्वाचन आयोग से स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में डाले गए दो मतों को अवैध घोषित कर रद्द करने की जोरदार मांग की है। बीजद का तर्क है कि यदि ये दो वोट खारिज कर दिए जाते हैं, तो उनके उम्मीदवार दत्तेश्वर होता प्रथम वरीयता के मतों के आधार पर विजयी घोषित होंगे।

बीजद के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें प्रसन्न आचार्य, प्रमिला मलिक, प्रताप केशरी देब और अरुण साहू शामिल थे, ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.एस. गोपालन को इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। बीजद का मुख्य आरोप ब्रह्मगिरी की विधायक उपासना महापात्रा और खल्लिकोट के विधायक पूर्ण चंद्र सेठी द्वारा डाले गए वोटों पर है। पार्टी का दावा है कि इन दो विधायकों को नियम विरुद्ध तरीके से दोबारा मतपत्र जारी किए गए, जो चुनाव नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

बीजद ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग को दिलीप राय को मिले इन दो विवादित मतों को तत्काल रद्द करना चाहिए। पार्टी के अनुसार, इन वोटों के हटने के बाद दिलीप राय के प्रथम वरीयता के वोट बीजद प्रत्याशी दत्तेश्वर होता से कम हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में, बीजद ने भारत निर्वाचन आयोग से मांग की है कि दत्तेश्वर होता को आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित घोषित किया जाए।

बीजद ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 16 और 18 मार्च 2026 को नवीन पटनायक द्वारा भेजी गई शिकायतों पर की गई कार्रवाई के पूर्ण खुलासे की मांग की है। इसके साथ ही, बीजद ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि रद्द किए गए मतपत्रों, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट जैसे सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। बीजद ने चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 41 के संभावित उल्लंघन की विस्तृत और स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।