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लापरवाही की हद! मुरैना में नाबालिग लगा रहा था झाड़ू, कर्मचारी फोन पर था व्यस्त; वायरल हुआ वीडियो

मुरैना: जिला अस्पताल में एक नाबालिग बच्ची हाथ में झाड़ू लेकर सफाई करती दिखी. वहीं, पास में बैठी एक महिला मोबाइल में व्यस्त नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि मोबाइल में व्यस्त महिला वहां की कर्मचारी है, लेकिन बच्ची से सफाई कराई जा रही थी. जब इसका वीडियो सामने आया, तो मामले ने तूल पकड़ लिया. जिसके बाद कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन को कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं.

समाजसेवी ने इसे बताया श्रम कानून का उल्लंघन

बच्ची द्वारा अस्पताल में सफाई करते हुए यह वीडियो एक दिन पुराना है और जिला अस्पताल के रेड क्रॉस परिसर की दूसरी मंजिल का है. इस वीडियो के मामले में समाजसेवी हेमा अग्रवाल का कहना है कि “जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और सपने होने चाहिए, उस उम्र में उनसे झाड़ू लगवाना बेहद शर्मनाक है.” उन्होंने इसे न सिर्फ बाल श्रम कानून का खुला उल्लंघन बताया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को भी संवेदनहीन करार दिया.

कर्मचारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश

नाबालिग द्वारा अस्पताल में सफाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुआ, तो लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, बच्ची से काम कराए जाने की निंदा की. वहीं, जब मामले ने तूल पकड़ा, तो मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जागिड़ ने सिविल सर्जन डॉ. गजेन्द्र सिंह तोमर को जांच के निर्देश देते हुए संबंधित कर्मचारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई करने को कहा है.

मामले की जांच की गई शुरू

जिला अस्पताल में नाबालिग से सफाई करवाने के मामले पर सिविल सर्जन डॉ.गजेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि “मामला संज्ञान में आते ही जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. वार्ड में नाबालिग से काम कराना गंभीर लापरवाही है. इस पूरे मामले में सफाई ठेकेदार से जवाब तलब किया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है.