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आप सांसदों के दल बदल के बाद पंजाब में ईडी सक्रिय

राज्य के मंत्री संजीव अरोरा को गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है, जो आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की सियासत को गरमा देने वाली है।

ईडी की टीमों ने शनिवार तड़के एक साथ दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ सहित कुल पांच स्थानों पर छापेमारी शुरू की। इसमें चंडीगढ़ स्थित मंत्री का सरकारी आवास और उनके सहयोगियों के व्यावसायिक परिसर शामिल थे। घंटों चली पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद, केंद्रीय एजेंसी ने अरोड़ा को हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि अरोड़ा इससे पहले अप्रैल में भी ईडी की जांच के दायरे में आए थे।

ईडी की जांच मुख्य रूप से मोबाइल फोन के व्यापार में हुए कथित वित्तीय हेरफेर पर केंद्रित है। एजेंसी द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप है कि अरोड़ा और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने दिल्ली में स्थित ऐसी फर्जी कंपनियों के माध्यम से मोबाइल फोन के जाली खरीद बिल तैयार किए, जिनका अस्तित्व केवल कागजों पर था।

इन जाली बिलों का उपयोग अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने, जीएसटी रिफंड लेने और निर्यात संबंधी सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए किया गया। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस धोखाधड़ी से अर्जित धन को पहले दुबई भेजा गया और फिर वहां से विभिन्न रास्तों के जरिए वापस भारत लाकर इसे वैध निवेश के रूप में दिखाया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इन छापों का उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराकर उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करना है। उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से पंजाब में भाजपा का आधार नहीं बनेगा। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार नेता जल्द ही बाहर आएंगे, लेकिन जनता चुनाव में इसका करारा जवाब देगी।