एक-दूसरे पर घुसपैठ और उग्रवाद के गंभीर आरोप
एजेंसियां
खार्तूमः अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में अस्थिरता और अधिक गहरी हो गई है क्योंकि इथियोपिया और सूडान ने मंगलवार को एक-दूसरे पर क्षेत्रीय संप्रभुता के उल्लंघन और विद्रोही ताकतों को समर्थन देने के आरोप लगाए हैं। सूडान 2023 से भीषण गृहयुद्ध की चपेट में है, जबकि पड़ोसी इथियोपिया अपने क्षेत्रों में कई उग्रवादी आंदोलनों का सामना कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये दोनों संघर्ष अब आपस में जुड़ रहे हैं और क्षेत्रीय शक्तियों को इसमें खींच रहे हैं, जिससे पूरे पूर्वी अफ्रीका में सुरक्षा संकट पैदा हो गया है।
मंगलवार को इथियोपिया के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि सूडान की सेना टाइग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के लड़ाकों को समर्थन दे रही है। इथियोपिया का दावा है कि ये लड़ाके सूडान में किराए के सैनिकों के रूप में काम कर रहे हैं और सूडानी सेना उन्हें हथियार और वित्तीय मदद देकर इथियोपिया की पश्चिमी सीमा पर घुसपैठ के लिए उकसा रही है। हालांकि, टीपीएलएफ के वरिष्ठ अधिकारी अमानुएल एसेफ़ा ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनका सूडानी अधिकारियों से कोई संबंध नहीं है और इथियोपियाई सरकार अपनी विफलताओं के लिए दूसरों पर दोष मढ़ रही है।
वहीं दूसरी ओर, सूडान ने ड्रोन हमलों के विरोध में अदीस अबाबा से अपने राजदूत को वापस बुलाने की घोषणा की है। सूडानी सेना के प्रवक्ता असीम अवध ने आरोप लगाया कि इथियोपिया के बाहिर दार हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात के सहयोग से ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। सूडान का दावा है कि उसके पास ठोस सबूत हैं कि यूएई निर्मित ड्रोनों ने सूडानी सेना के ठिकानों और खार्तूम हवाई अड्डे को निशाना बनाया है। सूडान के विदेश मंत्री ने यहाँ तक कह दिया कि यदि आवश्यक हुआ, तो उनका देश इथियोपिया के साथ खुले संघर्ष के लिए तैयार है।
इस विवाद में संयुक्त अरब अमीरात का नाम आने से मामला और अधिक अंतरराष्ट्रीय हो गया है। यूएई पर सूडान के अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि यूएई ने इन आरोपों को झूठा प्रचार बताकर खारिज किया है। हाल के महीनों में सूडान के विभिन्न राज्यों में ड्रोन हमलों में तेजी आई है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हो रहे हैं। कोस्ती और ओमडुरमैन जैसे क्षेत्रों में हुए हालिया हमलों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कूटनीतिक विवाद अब एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होने की कगार पर है।