Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Sonipat Firing Case: देवीलाल कॉलोनी में गोलियों की गूंज; वर्चस्व की लड़ाई में युवकों ने की ताबड़तोड़... Indore Voter ID Update: इंदौर में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सुधार का आखिरी मौका; जानें क्या है ... MP PWD Transfer News: मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग में बड़े तबादले, प्रभारी मुख्य अभियंताओं को मिली ... MP UCC Meeting: UCC समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव का सख्त अंदाज; दतिया कलेक्टर-एसपी को लगाई फटकार Katni Bus Accident: कटनी में भीषण सड़क हादसा; हाइवा से टकराकर पलटी बस, 5 लोगों की मौत और कई घायल Satna Nagod Firing Case: राजघराने के गोलीकांड में नया मोड़; पुलिस चौकी में आरोपी महिला को मिला VIP ट्... Instagram Fake Profile Case: इंस्टाग्राम पर रईस दिखने वाला निकला पुताई करने वाला मजदूर; कॉलेज छात्रा... Garra Bridge Controversy: बालाघाट में बना 'क्रिकेट बैट' जैसा रेलवे ओवरब्रिज; गायब हुआ फुटपाथ, मचा हड़... MP Police Suicide Case: मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों में बढ़ रहा तनाव; 12 दिनों में 5 जवानों ने की आ... MP Police Suicide Case: मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों में बढ़ रहा तनाव; 12 दिनों में 5 जवानों ने की आ...

बंगाल का चुनाव खत्म होते ही बदल गयी परिस्थिति

आई पैक के निदेशक की जमानत पर ईडी राजी

  • चुनाव से पहले गिरफ्तार किया गया

  • पहली बार ईडी ने विरोध किया था

  • इस बार ईडी ने आपत्ति दर्ज नहीं की

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को बड़ी राहत दी है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जमानत याचिका का विरोध न करने के बाद अदालत ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है।गुरुवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने चंदेल की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि चूंकि ईडी ने इस याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, इसलिए उन्हें रिहा किया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने उनकी रिहाई के साथ कई शर्तें भी लागू की हैं।

इससे पहले मंगलवार को अदालत ने चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह असाधारण मानवीय आधार की कसौटी पर खरी नहीं उतरती। चंदेल ने अपनी मां की बिगड़ती डिमेंशिया का हवाला देते हुए अंतरिम राहत मांगी थी। उस समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने कहा था कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अंतरिम जमानत को सामान्य प्रक्रिया के रूप में नहीं लिया जा सकता और इसके लिए तात्कालिक और असाधारण परिस्थितियों का होना आवश्यक है।

अदालत ने तब टिप्पणी की थी कि डिमेंशिया एक पुरानी और प्रगतिशील बीमारी है, लेकिन रिकॉर्ड में ऐसा कोई दस्तावेज़ नहीं था जो किसी तत्काल चिकित्सा संकट को दर्शाता हो जिसे चिकित्सा सहायता से प्रबंधित न किया जा सके। अदालत ने यह भी नोट किया था कि आरोपी की पत्नी और भाई जैसे अन्य परिवार के सदस्य देखभाल के लिए उपलब्ध हैं।

विनेश चंदेल को 23 अप्रैल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इससे पहले, 14 अप्रैल को अदालत ने ईडी को उन्हें 10 दिनों की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति दी थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि चंदेल करोड़ों रुपये के अपराध की कमाई को उत्पन्न करने, डायवर्ट करने और उसे रखने की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।