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Bihar Transport News: बिहार में कॉमर्शियल बाइक के लिए अब सिर्फ ₹1150 में मिलेगा 5 साल का परमिट, घर बैठे मिलेगा रोजगार

बिहार में अब युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कॉमर्शियल बाइक के लिए भी परमिट मिलेगा. कोई भी नागरिक यह परमिट परिवहन सेवा शुरू कर सकता है. एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा होने से रोजगार के मौके बढ़ेंगे. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा. हालांकि, नए नियमों में ये कहा गया है कि कॉमर्शियल बाइक चालकों को प्रति किलोमीटर किराया तय कर परिवहन विभाग को बताना होगा. बाइक सर्विस शुरू करने के लिए 1150 रुपए में ऑल बिहार का परमिट मिलेगा, जो पांच साल के लिए होगा. पहले के मुकाबले 50 फीसदी कम शुल्क लगेगा. हालांकि इन्हें एनएच पर चलने की अनुमति नहीं होगी.

जानकारी के मुताबिक, पटना- गया, मुजफ्फरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में ऑटो चलाने के लिए सस्ती दर पर परमिट मिल रहा है. डीजल या पेट्रोल ऑटो के लिए 1650 रुपए, जबकि सीएनजी के लिए 1150 रुपए शुल्क है. यह भी पांच साल के लिए होगा. वहीं, 35 जिलों में व्यावसायिक वाहन सेवा के लिए सस्ती दर पर पांच साल के लिए ऑल बिहार परमिट मिलेगा. वाहन इन 35 जिलों में ग्रामीण से लेकर जिला मुख्यालय तक सवारियां ढो सकते हैं. हालांकि, आबादी के मद्देनजर इन्हें पटना, गया और मुजफ्फरपुर नगर निगम व नगर परिषद् क्षेत्रों में परिचालन की अनुमति नहीं होगी.

वाहनों के लिए अलग-अलग परमिट शुल्क

हालांकि, इसके लिए अलग-अलग परमिट शुल्क तय किया गया है. जहां बाइक के लिए 1150, वहीं ऑटो रिक्शा के लिए 1650, सीएनजी ऑटो और मोटर कैब के लिए 1150, मैक्सी कैब के लिए 3150, मैक्सी कैब और मिनी बस एक क्षेत्र के लिए 5150, जबकि ऑल बिहार के लिए 7150 रुपए का परमिट के लिए शुल्क देना होगा. वहीं मिनी बस और बड़ी के लिए 9000 रुपए देना होगा जो दो से अधिक क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है. वहीं ये भी कहा गया है कॉमर्शियल परमिट रखने वाले वाहन एनएच पर नहीं चला सकेंगे.

युवाओं को मिलेगा रोजगार

ऑटो ऑल बिहार परमिट में जिले से गुजर रहे एनएच पर ऑटो चलाने की अनुमति नहीं होगी. एनएच पर चलाते पकड़े जाते हैं तो कार्रवाई होगी. सिर्फ अनिवार्य कार्य के लिए अनुमति दी जाएगी. विभाग ने यह शर्त लगाई है ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलेगा. ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ राजकुमार झा के मुताबिक कॉमर्शियल बाइक परमिट से राज्य में युवाओं को रोजगार मिलेगा. साथ ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं मिल रही है, उस जगह बाइक सेवा मिल सकेगी.

वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए पटना डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने कहा कि हर साल करीब 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. बाइक को कॉमर्शियल में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए कोई भी व्यक्ति बाइक परमिट ले सकते हैं.