Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म... दिल्ली में ₹35 प्रति किलो बिकेगा प्याज: केंद्र सरकार ने चलाया 'कांदा एक्सप्रेस', NAFED और NCCF स्टोर... इस्लामाबाद के PIMS अस्पताल में भीषण आग: AC कंप्रेसर फटने से 15 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत, PM शह... बिना आंदोलन के भी यह काम हो सकता था मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिले विदेश मंत्री जयशंकर बलात्कार के दोषी राम रहिम को 21 दिनों का फर्लो ऑनलाइन धतूरा बेच रहे कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई प्याज और चीनी के दाम सरकार पर अतिरिक्त बोझ

मानव ढाल के पुराने तरीके पर ही है आतंकवादी संगठन

हिजबुल्लाह के हमले में फ्रांसिसी सैनिक की मौत

एजेंसियां

पेरिसः दक्षिण लेबनान में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं ने इजरायल और लेबनान के बीच मात्र दस दिन पहले हुए संघर्ष विराम समझौते को गंभीर खतरे में डाल दिया है। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में एक सुनियोजित घात लगाकर किए गए हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई है। माना जा रहा है कि इस हमले को हिजबुल्लाह द्वारा अंजाम दिया गया है। यह घटना न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के उन प्रयासों की भी परीक्षा ले रही है जिसके तहत शांति बनाए रखने का वादा किया गया था।

घटनाक्रम यहीं नहीं रुका; एक अन्य घातक विस्फोट में इजरायल रक्षा बल का एक रिजर्व सैनिक मारा गया और नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह धमाका हिजबुल्लाह द्वारा दक्षिण लेबनान में लगाए गए एक आईईडी के कारण हुआ। इजरायली सैन्य विशेषज्ञों का आरोप है कि हिजबुल्लाह रणनीतिक रूप से नागरिक बस्तियों और बुनियादी ढांचे का उपयोग मानवीय ढाल के रूप में कर रहा है।

उनकी यह रणनीति न केवल सैन्य अभियानों को जटिल बनाती है, बल्कि निर्दोष नागरिकों के जीवन को भी जोखिम में डालती है। बमों को नागरिक क्षेत्रों में छिपाकर रखना इस बात का प्रमाण है कि समूह युद्ध के स्थापित नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने सैनिक की मृत्यु पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने लेबनान सरकार से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए। मैक्रों का यह बयान ऐसे समय में आया है जब फ्रांस संघर्ष विराम वार्ता में एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

हिजबुल्लाह द्वारा समझौते के लगातार उल्लंघन और इजरायली सैनिकों पर बढ़ते हमलों ने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। वर्तमान स्थिति यह संकेत दे रही है कि यदि ये उल्लंघन नहीं रुके, तो क्षेत्र एक बार फिर पूर्ण युद्ध की चपेट में आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब लेबनान की सेना और सरकार की ओर देख रहा है कि वे हिजबुल्लाह की इन गतिविधियों पर किस प्रकार अंकुश लगाते हैं।