Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: चेन्नई से दिल्ली तक हलचल; एक्टर विजय ने सरकार बनाने के लिए क्यों मांगा कांग्रेस... Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर अब AI रखेगा नजर; दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU साइ... West Bengal CM Update: नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह; 8 मई को विधाय... West Bengal CM Race: कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस के बीच दिल्ली पहुंचीं अग्निमित्रा प... Crime News: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम, अपना ही प्राइवेट पार्ट काटा; अस्पताल में... Bihar Cabinet Expansion 2026: सम्राट कैबिनेट में JDU कोटे से ये 12 चेहरे; निशांत कुमार और जमा खान के... UP News: 70 साल के सपा नेता ने 20 साल की युवती से रचाया ब्याह; दूसरी पत्नी का आरोप- 'बेटी की उम्र की... प्लास्टिक के कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया MP Govt Vision 2026: मोहन सरकार का बड़ा फैसला; 2026 होगा 'कृषक कल्याण वर्ष', खेती और रोजगार के लिए 2... Wildlife Trafficking: भोपाल से दुबई तक वन्यजीवों की तस्करी; हिरण को 'घोड़ा' और ब्लैक बक को 'कुत्ता' ...

कोलंबियाई न्यायालय का राष्ट्रपति पेट्रो के खिलाफ फैसला

सभी आपातकालीन कोष वापस लौटाने होंगे

एजेंसियां

बोगोटा: कोलंबिया की संवैधानिक अदालत ने बुधवार को राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के प्रशासन को एक बड़ा झटका देते हुए उन सभी फंडों को वापस करने का आदेश दिया है, जो एक आर्थिक आपातकाल के दौरान एकत्र किए गए थे। अदालत ने इस आर्थिक आपातकाल को असंवैधानिक घोषित कर दिया है, जिससे सरकार की वित्तीय स्थिति पर गहरा संकट मंडराने लगा है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पेट्रो प्रशासन पहले से ही कांग्रेस में अपने राजकोषीय सुधार प्रस्तावों के विफल होने के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

अदालत ने जनवरी में घोषित उस आर्थिक आपातकाल को रद्द कर दिया था, जिसके माध्यम से सरकार ने चालू वर्ष के बजट के एक हिस्से को वित्तपोषित करने के लिए 11 ट्रिलियन पेसो (3.07 बिलियन डॉलर) जुटाने का लक्ष्य रखा था। कोलंबिया के राष्ट्रीय कर और सीमा शुल्क निदेशालय के एक अज्ञात सूत्र के अनुसार, इस आपातकालीन डिक्री के तहत सरकार अब तक लगभग 1.67 ट्रिलियन पेसो (467 मिलियन डॉलर) एकत्र कर चुकी थी। अब अदालत के आदेश के बाद सरकार को यह पूरी राशि करदाताओं को वापस करनी होगी।

आमतौर पर, जब अदालत पिछले आर्थिक आपातकालों को असंवैधानिक घोषित करती थी, तो वह फैसला पूर्वव्यापी नहीं होता था, यानी पहले से एकत्र किया गया धन वापस नहीं करना पड़ता था। लेकिन इस बार अदालत का कड़ा रुख पेट्रो सरकार के लिए एक गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय चुनौती बन गया है। आपातकाल के तहत लगाए गए कर आर्थिक आपातकाल कोलंबिया में एक ऐसी विशेष स्थिति है जो सरकार को कांग्रेस की पूर्व अनुमति के बिना डिक्री के माध्यम से निर्णय लेने की अनुमति देती है।

लैटिन अमेरिका की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर राजकोषीय घाटे से जूझ रही है। जून में सरकार ने राजकोषीय नियमों को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने 2025 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद के 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया था। इस वित्तीय खाई को पाटने के लिए, वित्त मंत्री जर्मन एविला ने पिछले सप्ताह ही घोषणा की है कि वह कांग्रेस में 16 ट्रिलियन पेसो (4.47 बिलियन डॉलर) का एक नया कर सुधार विधेयक पेश करेंगे। हालांकि, विधायी सत्र समाप्त होने में तीन महीने से भी कम समय बचा है, जिससे इस विधेयक का भविष्य अनिश्चित नजर आता है।