Punjab Politics: सुनील जाखड़ ने सीएम भगवंत मान को लिखा पत्र, संकट में घिरे किसानों के लिए मुआवजे और राहत की मांग
पंजाब : भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार को एक पत्र लिखा है। जाखड़ ने कहा कि, पंजाब सरकार 13 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में राज्य के किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने का ऐलान करे। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को एक पत्र भी लिखा है।
भाजपा अध्यक्ष जाखड़ ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पूरे देश के लिए फसल बीमा योजना बनाई गई है, लेकिन पंजाब सरकार इसे लागू नहीं कर रही है, जो किसानों के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब का किसान बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से बड़े स्तर पर फसलों का नुकसान हुआ है। इससे पहले 2023 और 2025 में आई बाढ़ों ने भी भारी तबाही मचाई थी और अभी भी कई किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, क्योंकि पंजाब में कोई फसल बीमा योजना लागू नहीं है। आज भी किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनके नुकसान की भरपाई कैसे होगी।
सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि 3 साल पहले यह घोषणा की गई थी कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जगह पंजाब सरकार अपनी कृषि बीमा योजना लाएगी। लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद और हजारों करोड़ के नुकसान के बाद भी यह योजना अभी तक लागू नहीं हुई है। सुनील जाखड़ ने कहा कि अब जब 13 अप्रैल 2026 को विशेष विधानसभा सत्र बुलाया गया है, तो मुख्यमंत्री को अपने वादे के अनुसार बिना देरी किए इस सत्र के दौरान पंजाब की अपनी फसल बीमा योजना लागू करने का ऐलान करना चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों के नुकसान की भरपाई हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तो तुरंत केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना लागू की जाए, जो देश के अन्य राज्यों में पहले से लागू है और किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि सरकार कर्ज के बोझ तले दबे खजाने से विज्ञापनों पर खर्च करने के बजाय कुछ राशि बीमा योजना के प्रीमियम भरने पर खर्च करे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से समाज का हर वर्ग परेशान है-किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा, व्यापारियों और उद्योगपतियों को शांत माहौल नहीं मिल रहा और खराब कानून-व्यवस्था व नशे की समस्या ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है।
सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि राज्य सरकार ने उन्हें महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य 58% डीए दे रहे हैं, वहीं पंजाब केवल 42% दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार डीए देने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में अपील करने जा रही है, जो उसकी कर्मचारी विरोधी नीति को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सरकार बिना देरी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया डीए जारी करे। अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग 2027 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब वे इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर कर सकेंगे।