पोलिंग बूथ पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा, सुरक्षा के लिए सीएपीएफ तैनात
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बिष्णुपुर ब्लास्ट की एनआईए जांच के आदेश
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मणिपुर ट्रोंगलाओबी सुरक्षा की समीक्षा हुई
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पेन ड्राइव से छेड़छाड़ कर सकती हैःसंदीप दीक्षित
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः असम में लोकतंत्र का उत्सव अपने निर्णायक मोड़ पर है। राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े इंतजाम किए हैं। राज्य के कुल 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। प्रशासन ने 31,490 पोलिंग बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की है।
चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल काफी गर्मा गया है। मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ बीजेपी नीत एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चा के बीच है। हाल ही में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच व्यक्तिगत आरोपों का दौर शुरू हुआ। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की पत्नी पर भ्रष्टाचार और विदेशी संपत्ति के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं जवाब में असम पुलिस ने दिल्ली पहुंचकर खेड़ा के आवास पर जांच की। कांग्रेस ने इसे प्रतिशोध की राजनीति करार दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर घुसपैठ के मुद्दे को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन की तुलना में मोदी सरकार के दौरान बेहद कम अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया। दूसरी ओर, परिसीमन और कॉर्पोरेट घरानों को जमीन देने के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा जा रहा है।
मणिपुर के बिष्णुपुर में हुए बम धमाके की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। वहीं, नगालैंड की कोरिदांग सीट पर उपचुनाव से पहले हुई हिंसा में एक भाजपा समर्थक की मौत हो गई, जिसके बाद मोकोकचुंग जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है।