पवन खेड़ा ने कहा और भी सबूत पेश करेंगे
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तीन पासपोर्ट के बाद और नये दावे
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विदेशी संपत्ति का खुलासा करें वह
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जल्द केस दायर करेंगेः सरमा
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा पर निशाना साधते हुए आधिकारिक हलफनामों में दी गई जानकारियों पर स्पष्टीकरण मांगा है। खेड़ा ने दावा किया कि आने वाले दिनों में वह और भी सबूत पेश करेंगे।
पत्रकारों से बात करते हुए खेड़ा ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी से जुड़ी विदेशी संपत्तियों का विवरण चुनाव हलफनामे में क्यों छिपाया। उन्होंने पूछा, क्या वे इस बात से इनकार कर रहे हैं कि दुबई में उनकी कोई संपत्ति नहीं है? क्या वे अमेरिकी कंपनियों या दुनिया भर में फैली शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) से इनकार कर रहे हैं? हम हर दिन नए सबूत देंगे। उन्होंने हलफनामे में अपनी पत्नी की दुबई स्थित संपत्तियों को क्यों छिपाया?
दूसरी तरफ सरमा ने आरोपों को नकारा, मानहानि का मामला दर्ज करने का एलान किया इन आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को सभी आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और नागरिक मानहानि का मामला दर्ज करेंगे। सरमा ने कहा कि सच कानून की अदालत में स्थापित होगा और खेड़ा को उनके लापरवाह बयानों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खेड़ा ने सीएम के परिवार से जुड़े पासपोर्ट और विदेशी निवेश को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया, हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी को तीन पासपोर्ट रखने की क्या जरूरत है? क्या आप कोई अपराधी हैं? क्या खुद हिमंत के पास भी कहीं ऐसे और पासपोर्ट हैं? क्या यह चुनाव हारने के बाद भागने की तैयारी है?
खेड़ा ने अमेरिका के व्योमिंग में शेल कंपनियां होने का दावा करते हुए कहा कि वहां टैक्स नहीं लगता और लोग अपनी संपत्तियां छिपाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्योमिंग स्थित एक कंपनी की सदस्य सूची में रिनिकी भुइयां शर्मा, हिमंत बिस्वा सरमा और उनके बेटे का नाम शामिल है।
खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में एसआईटी गठित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त से हलफनामे में जानकारी छिपाने पर संज्ञान लेने की मांग की है। वहीं, सरमा ने इन दावों को खारिज करते हुए खेड़ा द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियों की ओर इशारा किया और संकेत दिया कि ये दस्तावेज छेड़छाड़ किए गए या फर्जी हो सकते हैं।