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Petrol-Diesel Revenue 2026: तेल के खेल में राज्यों का खजाना फुल! जानें आपके राज्य ने टैक्स से कितनी की मोटी कमाई

भारत में पेट्रोल और डीजल सिर्फ गाड़ियों को चलाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि सरकारों के लिए कमाई का एक बड़ा साधन भी हैं. जब आप पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते हैं, तो उसकी कीमत में सिर्फ तेल की लागत ही नहीं, बल्कि कई तरह के टैक्स भी शामिल होते हैं. केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें VAT के जरिए अपनी आय बढ़ाती हैं. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग नजर आते हैं. आइए इस खबर में यही जानते हैं कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से राज्य सरकारें कितना कमाई करती हैं और इसमें सबसे आगे कौन सा राज्य है.

हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसकी वजह से आम लोगों पर बोझ बढ़ने लगा था. इसे कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की. पेट्रोल पर ड्यूटी को काफी कम किया गया, जबकि डीजल पर टैक्स लगभग खत्म कर दिया गया. इस फैसले से लोगों को थोड़ी राहत मिली और बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली.

केंद्र सरकार की कमाई कितनी होती है

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो पेट्रोलियम सेक्टर से सरकार को भारी भरकम राजस्व मिलता है. वित्त वर्ष 2022 के शुरुआती 9 महीनों में ही इस सेक्टर से करीब 5.45 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. इसमें से लगभग 3.08 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार के खाते में गए थे. इससे साफ है कि पेट्रोल-डीजल सरकार की आय का एक मजबूत स्तंभ हैं.

राज्य सरकारों की कमाई और टॉप राज्य

राज्य सरकारें भी पेट्रोल और डीजल पर VAT लगाकर अच्छी खासी कमाई करती हैं. 2024-25 में राज्यों ने मिलकर करीब 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व जुटाया. वहीं 2025-26 के पहले छह महीनों में ही लगभग 1.47 लाख करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है. डेटा के मुताबिक अनुसार, 2024-25 में सभी राज्यों ने मिलकर करीब 3,02,058 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटाया. वहीं, 2025-26 के पहले आधे साल (H1) में ही यह आंकड़ा लगभग 1,46,892 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

राज्यवार बात करें तो महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात जैसे बड़े राज्य इस मामले में आगे रहे हैं. 2024-25 में महाराष्ट्र ने करीब 36,992 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश ने 31,214 करोड़ रुपये और तमिलनाडु ने 24,861 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया. 2025-26 के पहले छह महीनों में भी यही राज्य सबसे ज्यादा कमाई करने वालों में शामिल बने हुए हैं.