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Aamir Khan Shelved Projects: आमिर खान की फिल्म ‘रिश्ता’ (या फिल्म का नाम) क्यों रह गई अधूरी? जानें पर्दे के पीछे की कहानी

बॉलीवुड में कई फिल्में बनती हैं, कुछ रिलीज होकर इतिहास रचती हैं, तो कुछ ऐसी भी होती हैं जो बनकर भी कभी पर्दे तक नहीं पहुंच पातीं. ऐसी ही एक फिल्म 34 साल पहले भी बनी थी, लेकिन कुछ वजहों से ये फिल्म सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई. हम जिसकी बात कर रहे हैं, वो आमिर खान की एक फिल्म थी, जो कि 1992 में बननी शुरू हुई थी. फिल्म को शेखर कपूर डायरेक्ट कर रहे थे. बड़े बजट पर बन रही ये फिल्म अपना आखिरी का कुछ हिस्सा कभी पूरा ही नहीं कर पाई जिसके चलते ये फिल्म रिलीज ही नहीं हुई.

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अपनी शानदार फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. वो सालभर में काफी कम फिल्म करते हैं, लेकिन वो एक फिल्म ही जबरदस्त निकरलकर सामने आती है. लेकिन, उन्होंने एक ऐसी भी फिल्म में काम किया है, जो रिलीज ही नहीं हो पाई, जिस फिल्म की बात की जा रही है उसका टाइटल ‘टाइम मशीन’ है, जो अपने समय से काफी आगे मानी जा रही थी, लेकिन आज भी अधूरी कहानी बनकर रह गई. ये फिल्म उस दौर में बन रही थी जब हिंदी सिनेमा में साइंस-फिक्शन बहुत कम देखने को मिलता था, ऐसे में इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उम्मीदें थीं.

टाइम ट्रैवेल पर थी फिल्म

साल 1992 में शुरू हुई इस फिल्म को मशहूर डायरेक्टर शेखर कपूर बना रहे थे. उस समय शेखर कपूर अपनी बाकी फिल्मों को लेकर चर्चा में थे, जिसकी वजह से लोगों को फिल्म से काफी उम्मीदें थी. फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर बेस्ड थी, जिसमें आमिर खान एक ऐसा किरदार निभा रहे थे जो एक वैज्ञानिक की मदद से समय में पीछे जाकर अपने माता-पिता से मिलता है. ये कॉन्सेप्ट हॉलीवुड फिल्म बैक टू द फ्यूचर से इंस्पायर था, लेकिन इसे भारतीय अंदाज में पेश करने की तैयारी थी. फिल्म की सबसे खास बात ये थी कि इसमें उस दौर के कई बड़े सितारे शामिल थे, जैसे रेखा, नसीरुद्दीन शाह और रवीना टंडन.

आमिर ने फीस की कुर्बान

इतना ही नहीं, फिल्म की शूटिंग भी काफी हद तक पूरी हो चुकी थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 75 से 80 प्रतिशत फिल्म शूट हो चुकी थी और करोड़ों रुपये इस पर खर्च भी हो चुके थे. लेकिन, तभी इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ऐसी मुश्किलें आईं, जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया. सबसे बड़ी वजह थी फिल्म का बढ़ता बजट और फाइनेंशियल दिक्कतें. शूटिंग के दौरान लागत लगातार बढ़ती जा रही थी, जिसके बाद फिल्म के प्रोड्यूसर ने इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया. फिल्म बंद होने के कगार पर आ गई थी. फिल्म की इस स्थिति को देखते हुए आमिर खान ने फीस लेने से भी मना कर दिया, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो पाया.

दोबारा शुरू करनी चाही फिल्म

इसी मुश्किल के बीच एक और बड़ा झटका तब लगा, जब डायरेक्टर शेखर कपूर बीच में ही इस प्रोजेक्ट को छोड़कर अमेरिका चले गए. उनके जाने के बाद फिल्म की दिशा ही बदल गई और प्रोजेक्ट अधर में लटक गया. दिलचस्प बात ये है कि बाद में इस फिल्म को दोबारा शुरू करने की भी कोशिश की गई थी. साल 2008 के आसपास शेखर कपूर ने इसे नए कास्ट के साथ फिर से बनाने की बात कही थी, जिसमें रणबीर कपूर भी शामिल थे, लेकिन ये प्लान भी कभी हकीकत में नहीं बदल पाया.