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इजरायली खुफिया एजेंसी का दफ्तर मटियामेट

ईरान के सटीक हमले से हैरानी है इजरायली सेना भी

तेल अवीवः पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति थमने का नाम नहीं ले रही है, बल्कि यह दिन-ब-दिन और भी भयावह होती जा रही है। शुक्रवार को ईरान ने सीधे इजरायल के भीतर एक बड़े हमले का दावा किया। तेहरान के अनुसार, गुरुवार रात उन्होंने तेल अवीव स्थित इजरायल की कुख्यात खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय पर पिनपॉइंट या सटीक हमला किया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में मोसाद का दफ्तर पूरी तरह नष्ट होकर मिट्टी में मिल गया है।

तसनीम न्यूज़ ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि यह हमला बेहद सटीक और विनाशकारी था। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक इजरायली अधिकारियों की ओर से इस दावे की न तो पुष्टि की गई है और न ही इसे नकारा गया है। भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान का यह दावा सच साबित होता है, तो यह इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अभूतपूर्व और बड़ा झटका होगा। फिलहाल, किसी भी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ने इस घटना की सत्यता या नुकसान के स्तर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

इस तनाव की आंच अब संयुक्त अरब अमीरात तक भी पहुंच गई है। अबू धाबी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने आसमान में एक मिसाइल को मार गिराया, लेकिन उसका मलबा हबशान गैस केंद्र के पास जा गिरा, जिससे वहां आग लग गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुरक्षा कारणों से गैस केंद्र का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अजमान इलाके में भी एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय रहने की सूचना मिली है।

दिलचस्प बात यह है कि इन ड्रोनों या मिसाइलों को किसने और कहां से दागा, इसे लेकर रहस्य बना हुआ है। अबू धाबी ने सीधे तौर पर ईरान का नाम नहीं लिया है। इससे पहले तेहरान ने दावा किया था कि इजरायल खुद खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है ताकि इसका दोष ईरान पर मढ़ा जा सके। विशेषज्ञों को डर है कि ईरान और इजरायल के बीच यह प्रत्यक्ष टकराव पूरे मध्य पूर्व को एक विनाशकारी युद्ध की ओर धकेल सकता है।