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UAE का ‘उधार’ बना पाकिस्तान के लिए आफत! दुबई ने दिया 17 अप्रैल तक का समय—”पूरा पैसा वापस करो”

पाकिस्तान को UAE ने तगड़ा झटका दिया है. आए दिन अरब देशों और IMF से कर्ज लेने वाला पाकिस्तान इन दिनों मध्य पूर्व में शांति कराने का ठेका लिए हुए है. पाकिस्तान चाहता है, जल्द से जल्द ईरान और अमेरिका-इजराइल जंग रुक जाए. इसके लिए वह मिस्र, तुर्की आदि देशों से बातचीत भी कर रहा है. वहीं UAE का रुख जंग जारी रखने का रहा है, UAE ट्रंप प्रशासन के ईरान पर बड़े हमले और उसके दादागिरी खत्म करने के पक्ष में है. पर पाकिस्तान ये काम नहीं होने देना चाहता है.

ईरान में जंग के बीच UAE ने पाकिस्तान पर अपना पैसा वापस लौटाने का दबाव बढ़ा दिया है. दरअसल, साल 2018 में UAE ने पाकिस्तान को दो बिलियन डॉलर का लोन दिया था. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक UAE हर साल इस लोन पर 130 मिलियन डॉलर का ब्याज लेता था. बाद में UAE ने ब्याज दर 3 फीसद से बढ़ाकर 6.5 फीसद कर दी. अब ईरान से जंग शुरू होने के बाद UAE ने पाकिस्तान से अपना कर्ज तुरंत लौटाने को कहा है. UAE ने पाकिस्तान को 17 अप्रैल तक दो बिलियन डॉलर की पूरी रकम वापस करने की चेतावनी दी है.

मध्य पूर्व तनाव

28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमला करने के बाद मध्य पूर्व के कई हिस्से जंग की चपेट में आ गए हैं. जहां अमेरिका और इजराइल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. वहीं ईरान इजराइल के साथ-साथ पूरे रीजन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस जंग ईरान के प्रॉक्सी हिजबुल्लाह और हूती भी एक्टिव हो गए हैं.

पाकिस्तान के बस की नहीं सीजफायर कराना

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने में पाकिस्तान फेल होता नजर आ रहा है. समझौते में पाकिस्तान की जगह रूस ने एंट्री ले ली है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने समझौते कराने की कमान खुद संभाल ली है. पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी दमित्री पेस्कोव का कहना है कि मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए जो भी करना होगा, रूस करेगा. राष्ट्रपति खुद एक्टिव होकर प्लान पर काम कर रहे हैं.

अमेरिका के लिए सीजफायर कर रहा था पाक

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने रॉयटर्स को बताया कि US के उप-राष्ट्रपति JD Vance ने मंगलवार को ही पाकिस्तान के मध्यस्थों से ईरान संघर्ष के बारे में बातचीत की थी. यह इस बात का संकेत है कि संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशों में उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है.

सूत्र ने बुधवार को रॉयटर्स को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर, Vance ने निजी तौर पर यह संकेत दिया कि ट्रंप संघर्ष-विराम के लिए तैयार हैं, बशर्ते US की कुछ मांगें पूरी की जाएं. इन माँगों में ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को फिर से खोलना भी शामिल है.