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सीरियाई सेना को लेबनान सीमा पर मिले सुरंग

हथियारों की तस्करी के विशाल नेटवर्क के होने का संदेह

कुसैर (सीरिया): सीरिया और लेबनान के बीच स्थित ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी सीमावर्ती इलाकों में सीरियाई सेना ने एक व्यापक सुरक्षा अभियान के दौरान सुरंगों के एक जटिल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सीरियाई रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद पहली बार मीडिया कर्मियों को इन संवेदनशील इलाकों का दौरा कराया गया, जहाँ सेना इन गुप्त रास्तों को खोजने और उन्हें नष्ट करने के काम में जुटी है।

सीरिया के ग्रामीण इलाके कुसैर में तैनात सैन्य अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में सीमा पार तक फैली कई सुरंगें मिली हैं। सीरियाई सीमा चौकियों के प्रभारी मोहम्मद हमूद ने पुष्टि की कि सेना द्वारा चलाए जा रहे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान इन सुरंगों का पता चला।

उनके अनुसार, इन गुप्त रास्तों का उपयोग दोनों देशों के बीच हथियारों और नशीली दवाओं की तस्करी के लिए किया जा रहा था। कुसैर का यह क्षेत्र सीरिया के पश्चिमी होम्स प्रांत को लेबनान की बेका घाटी से जोड़ने वाला एक प्रमुख चौराहा है, जो रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

सेना द्वारा खोजे गए इस नेटवर्क में कम से कम पांच प्रमुख सुरंगें देखी गई हैं। इनमें से एक का प्रवेश द्वार एक रिहायशी मकान के बेसमेंट (तहखाने) में छिपा हुआ था, जहाँ कंक्रीट की सीढ़ियाँ अंधेरे और संकरे रास्तों की ओर ले जाती थीं। पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित अन्य सुरंगें अधिक विकसित पाई गईं, जिनमें बिजली की वायरिंग और वेंटिलेशन (हवा निकासी) की समुचित व्यवस्था थी। एक घर की दीवार पर, जो सुरंग के प्रवेश द्वार की ओर ले जाता था, हिजबुल्लाह के दिवंगत प्रमुख हसन नसरल्लाह और ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की तस्वीरें लगी मिलीं, जो इन रास्तों के पीछे सक्रिय समूहों की ओर स्पष्ट संकेत करती हैं।

क्षेत्रीय युद्ध और सीरिया की भूमिका एक ओर जहाँ लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच भीषण संघर्ष जारी है, वहीं सीरिया खुद को इस क्षेत्रीय युद्ध की लपटों से दूर रखने की कोशिश कर रहा है। सीरियाई सेना एक महीने पहले भेजे गए अतिरिक्त सैन्य सुदृढीकरण के साथ अपनी सीमाओं को सुरक्षित कर रही है।

पीले बुलडोजर और बख्तरबंद वाहनों की मदद से सीमा पर ऊंचे मिट्टी के बांध बनाए जा रहे हैं ताकि घुसपैठ को रोका जा सके। सेना के फील्ड कमांडरों का स्पष्ट मानना है कि इन सुरंगों का मुख्य नियंत्रण और उपयोग हिजबुल्लाह द्वारा किया जा रहा था। सीरिया द्वारा अपनी सीमा की घेराबंदी करना इस बात का प्रतीक है कि वह वर्तमान अस्थिरता के बीच अपनी संप्रभुता को लेकर अत्यंत सतर्क है।