Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Punjab News: पंजाब पुलिस सांसदों को सुरक्षा देने में नाकाम, बीजेपी नेता तरुण चुघ का भगवंत मान सरकार ... Jalandhar News: जालंधर में बढ़ता अपराध, डर के साए में जीने को मजबूर लोग, रात में निकलना हुआ मुश्किल व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में गोलीबारी इंफाल में रैली के दौरान झड़प, 30 लोग घायल एबार भोट दितेई होवे ना होले बांग्लादेश पाठिये देबे Karnal News: करनाल में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, 30 हजार में बेटा-बेटी बताने वाले आरोपी गिर... Khel Chintan Shivir: खेल चिंतन शिविर में गौरव गौतम ने किया हरियाणा का प्रतिनिधित्व, देशभर के खेल मंत... Haryana Roadways: दिव्यांगों को सैनी सरकार का बड़ा तोहफा, अब बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा केरल में समय से पहले पहुंचेगा मॉनसून खजाने में रखे जब्त नकदी को चूहे खा गये हैं

अब सोशल मीडिया पर सरकारी नकेल की तैयारी

टीवी चैनलों और बड़ी मीडिया की पकड़ कमजोर हुई

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने देश के डिजिटल परिदृश्य को विनियमित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग 3 के विस्तार का प्रस्ताव दिया है।

इस नए बदलाव के तहत, अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाचार और समसामयिक विषयों से संबंधित सामग्री साझा करने वाले आम यूजर्स भी उन्हीं नियमों के दायरे में आएंगे, जो अब तक केवल पंजीकृत डिजिटल समाचार प्रकाशकों पर लागू होते थे। जानकार मानते हैं कि पारंपरिक टीवी चैनलों और बड़े संस्थानों के जरिए चल रहे सरकारी प्रयास का असर बहुत कम होने और सोशल मीडिया पर जनता का भरोसा अधिक होने की वजह से आनन फानन में ऐसा प्रावधान लाया जा रहा है।

30 मार्च को जारी मसौदा संशोधनों के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल मीडिया नियमों का भाग 3 अब उन गैर-प्रकाशक उपयोगकर्ताओं पर भी लागू होगा जो सोशल मीडिया पर समाचार सामग्री पोस्ट करते हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि कोई व्यक्ति स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता कर रहा है या समाचार साझा कर रहा है, तो उसे भी डिजिटल मीडिया आचार संहिता का पालन करना होगा। मंत्रालय ने इस पर 14 अप्रैल तक सभी हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह ढांचा अंतर-विभागीय समिति द्वारा संचालित मौजूदा शिकायत निवारण प्रक्रिया के माध्यम से ऐसी सामग्री पर कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगा। हालांकि मसौदे में विशिष्ट दंडात्मक कार्रवाइयों का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि सरकार ऑनलाइन सामग्री पर अपनी निगरानी को मजबूत करना चाहती है। इसके अतिरिक्त, नियमों के भाग II में एक नया नियम 3(4) जोड़ने का प्रस्ताव है, जो सोशल मीडिया मध्यवर्तियों के लिए सरकार द्वारा जारी सलाह, निर्देशों और दिशानिर्देशों का पालन करना कानूनी रूप से अनिवार्य बना देगा।

प्रस्तावित बदलावों के तहत, सोशल मीडिया कंपनियों को आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत मिलने वाली सुरक्षित बंदरगाह सुरक्षा बनाए रखने के लिए सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन साथ ही यह आम उपयोगकर्ताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनके द्वारा साझा की जाने वाली सूचनाओं की प्रकृति पर भी प्रभाव डाल सकता है। यह विस्तार डिजिटल युग में सूचना की जवाबदेही तय करने की दिशा में सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है।