Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच संपन्न हुआ मत... दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की भी होगी सरकारी खरीद, सिकुड़े और टूटे दानो... Guna Crime: गुना में पिता के दोस्त की शर्मनाक करतूत, मासूमों से अश्लील हरकत कर बनाया वीडियो; पुलिस न... Allahabad High Court: मदरसों की जांच पर NHRC की कार्यशैली से 'स्तब्ध' हुआ हाई कोर्ट; मॉब लिंचिंग का ... PM Modi in Hardoi: 'गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की नई लाइफलाइन', हरदोई में बरसे पीएम मोदी— बोले, सपा-कांग्... Jabalpur Crime: 'शादी डॉट कॉम' पर जिसे समझा जीवनसाथी, वो निकला शातिर ब्लैकमेलर; फर्जी DSP बनकर 5 साल... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में बकरी चोरी के आरोप में युवक को खंभे से बांधकर पीटा, रिटायर्ड कृषि अ... Vande Bharat Extension: जम्मू से श्रीनगर का सफर अब और आसान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 30 अप्रैल को द... West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच 'दीदी' या 'दा... Unnao Road Accident: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो और डंपर की टक्कर मे...

बड़ा खुलासा: हरियाणा में 83 करोड़ की सोलर धांधली, रसूखदार अधिकारी पर कसा शिकंजा; किसी भी वक्त हो सकती है गिरफ्तारी

चंडीगढ़: हरियाणा में अक्षय ऊर्जा और सौर तकनीक को बढ़ावा देने वाली एजेंसी ‘क्रेस्ट’ (CREST) में 83 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। इस वित्तीय अनियमितता के सामने आने के बाद राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले में एक भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी की भूमिका सीधे तौर पर जांच के दायरे में आ गई है।

क्या है पूरा मामला?
प्राथमिक जांच और प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी खजाने से आवंटित किए गए 83 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा नियमों को ताक पर रखकर खर्च किया गया। यह फंड अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और सौर ऊर्जा उपकरणों की खरीद-फरोख्त से संबंधित था। आरोप है कि बिना काम किए या फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी राशि का गबन किया गया है।

घोटाले की परतें खुलने के बाद से ही एक वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी जांच एजेंसियों की मुख्य नजर में हैं।विभाग के भीतर चल रही जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि सौर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भारी वित्तीय धांधली हुई है। माना जा रहा है कि जल्द ही मामले को विजिलेंस (सतर्कता विभाग) को सौंपा जा सकता है या विभाग द्वारा बड़ी विभागीय जांच शुरू की जा सकती है।

क्रेस्ट, जो राज्य में सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का काम करती है, में इतनी बड़ी गड़बड़ी का मिलना सरकार की ‘ग्रीन’ नीतियों पर भी सवाल उठा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं हो सकता, इसमें निचले स्तर पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और बाहरी वेंडर की मिलीभगत की भी संभावना है।