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राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला- “घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे बड़ा और जवाबदेही शून्य

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी और प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है. राहुल गांधी ने संसद कार्यवाही के दौरान सरकार को स्मार्ट सिटी योजना को लेकर घेरा है. राहुल गांधी ने कहा कि कोई शहर स्मार्ट नहीं हो सकता, अगर वह अपने नागरिकों को बुनियादी गरिमा, साफ पानी, स्वच्छ हवा और सुरक्षा नहीं दे पाता है. उन्होंने कहा कि आपको मोदी सरकार का स्मार्ट सिटी मिशन तो याद ही होगा, जिसके तारीफों के पुल बांधते प्रधानमंत्री थकते नहीं थे!

अब जब यह योजना अपने समापन की ओर है. राहुल ने कहा कि मैंने संसद में सरकार से इसके वास्तविक परिणामों का हिसाब मांगा. और जो सच सामने आया उसे धोखे के अलावा कुछ और कह ही नहीं सकते. इस योजना का उद्देश्य कभी भी पूरे शहर का विकास करना ही नहीं था. राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश को एक आधी-अधूरी योजना को पूरे बदलाव की कहानी बनाकर बेचा गया. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने सरकार पूछा कि कैसे होते हैं स्मार्ट सिटी? सफलता किस आधार पर तय हुई. कितने शहर सच में बदले और लोगों के जीवन में क्या ठोस बदलाव आया? राहुल का दावा है कि इन सवालों का सरकार से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला.

आपके शहर में क्या बदला?

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की तरफ से सिर्फ बताया गया की करीब ₹48,000 करोड़ खर्च हुए, और 97% प्रोजेक्ट पूरे बता दिए, लेकिन अगर सब पूरा है, तो आपके शहर में क्या बदला? राहुल ने कहा कि जमीनी हकीकत अलग कहानी कहती है. दूषित पानी और खुले सीवर से मौतें हो रही हैं, गिरते पुल और धंसती सड़कें इस विफलता को और उजागर कर रही हैं. यह योजना मोदी सरकार की असली कार्यशैली का उदाहरण है. घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे बड़ा, और जवाबदेही शून्य. आप अपने शहर को सूची में खोजिए और खुद तय कीजिए-

पीएम मोदी चाहते हैं LDF जीते चुनाव

वहीं, केरल चुनाव को लेकर पीएम मोदी को घेरा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) विधानसभा चुनाव जीते. उन्होंने यहां एक चुनावी सभा में यह आरोप दोहराया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) एलडीएफ और भाजपा की मिलीजुली ताकत से लड़ रहा है. माकपा के दो पूर्व नेता कुन्हिकृष्णन और टीके गोविंदन भी मंच पर मौजूद थे. दोनों नेता यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.