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Garhwa Elephant Attack: गढ़वा में गजराज का तांडव! 24 घंटे में दो लोगों को कुचला, इलाके में दहशत का माहौल।

गढ़वा: जिले में पिछले 24 घंटे में जंगली हाथियों के झुंड ने दो लोगों को कुचल कर मार डाला. रंका के बाहोकुदर में सोमवार को घटना घटी थी. धुरकी थाना क्षेत्र के कदवा उर्फ लिखनी धौरा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, यहां महुआ चुनने गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की जंगली हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई.

बुजुर्ग की जंगली हाथियों के हमले में मौत

इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है. मृतक की पहचान 62 वर्षीय दईब कोरवा के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, दईब कोरवा महुआ चुनने के लिए बियवादामर जंगल गए थे, देर शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई. सोमवार को जब परिजन और ग्रामीण उनकी खोज में जंगल पहुंचे, तो उनका शव बरामद हुआ. शव के आसपास हाथियों के पैरों के निशान मिलने से साफ हुआ है कि उनकी मौत जंगली हाथियों के हमले में हुई है.

जंगली हाथियों का झुंड सक्रिय

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जंगली हाथियों का झुंड सक्रिय है. आशंका जताई जा रही है कि दईब कोरवा अनजाने में हाथियों के संपर्क में आ गए, जिसके बाद हाथियों ने उन्हें कुचल दिया. हमला इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वनपाल प्रमोद कुमार यादव और धुरकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इसके साथ ही इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है.

वन विभाग से मुआवजे की मांग

घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि दईब कोरवा परिवार के मुखिया थे और उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों ने सरकार और वन विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है.

मृतक के परिजनों को 4 लाख की मदद का वादा

इस संबंध में डीएफओ अंशुमान राजहंस ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग मृतक के परिवार के साथ है. उन्होंने बताया कि सरकारी प्रावधान के तहत 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जिसमें तत्काल 50 हजार रुपये परिजनों को दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध कराई जाएगी.

जंगल से ग्रामीण इलाकों में घुस रहे हैं जंगली हाथी

गौरतलब है कि धुरकी थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में पिछले कई सालों से जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ी हैं. हाथियों के झुंड अक्सर गांवों और खेतों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस और स्थाई उपाय किए जाएं.