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Ranchi Airport: रांची एयरपोर्ट के सामने निकला दुर्लभ ‘दोमुंहा’ सांप, रेड सैंड बोआ को देख उड़े होश!

रांची: राजधानी रांची में एक दुर्लभ प्रजाति के सांप ‘रेड सैंड बोआ’ का सफल रेस्क्यू किया गया. यह रेस्क्यू सोमवार रात करीब 9 बजे रांची एयरपोर्ट के सामने किया गया. जहां स्थानीय लोगों की नजर इस सांप पर पड़ी. सांप को देखकर इलाके में हलचल मच गई, जिसके बाद तुरंत स्नेक कैचर को सूचना दी गई.

सूचना मिलते ही स्नेक कैचेर मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक इस दुर्लभ सांप को रेस्क्यू किया. रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो सांप को कोई नुकसान पहुंचे और न ही आसपास मौजूद लोगों को किसी तरह का खतरा हो. सफलतापूर्वक पकड़ने के बाद सांप को सुरक्षित रूप से जू भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञ उसकी निगरानी करेंगे.

बताया जाता है कि ‘रेड सैंड बोआ’ एक दुर्लभ प्रजाति का सांप है, जो मुख्य रूप से राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों और उत्तर प्रदेश-राजस्थान बॉर्डर क्षेत्र में पाया जाता है. हालांकि देश के अन्य हिस्सों में भी यह कभी-कभार नजर आ जाता है लेकिन इनकी संख्या बेहद सीमित मानी जाती है.

यह सांप पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. यह मुख्य रूप से छोटे जीवों जैसे चूहे, छिपकली और अन्य छोटे जीवों को खाता है, जिससे इनकी आबादी नियंत्रित रहती है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सांप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इन्हें नुकसान पहुंचाना पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है.

स्नेक कैचर रमेश ने बताया कि यह सांप काफी दुर्लभ होता है और आमतौर पर इस क्षेत्र में देखने को नहीं मिलता. लोगों को इसे देखकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सामान्यतः आक्रामक नहीं होता. सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसे वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाया जाए और तुरंत विशेषज्ञों को सूचना दी जाए.

उन्होंने आगे कहा कि कई बार लोग अज्ञानता में ऐसे सांपों को मार देते हैं या पकड़ने की कोशिश करते हैं, जो न सिर्फ खतरनाक हो सकता है बल्कि कानूनन भी अपराध है। ऐसे मामलों में जागरूकता बेहद जरूरी है.

बता दें कि ‘रेड सैंड बोआ’ को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित किया गया है. इस प्रजाति को पकड़ना, इसका शिकार करना या इसकी तस्करी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. इसके बावजूद इसकी दुर्लभता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग होने की वजह से तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं.

फिलहाल, रांची में इस दुर्लभ सांप का सुरक्षित रेस्क्यू होना न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय रहते सूचना और सही कार्रवाई से किसी भी स्थिति को संभाला जा सकता है.