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प्रोटोन की तुलना में नये भारी कण की खोज

दुनिया के सबसे बड़े प्रयोगशाला में शोध की नई उपलब्धि

  • लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर से मिला

  • कण की संरचना में अनोखापन

  • उप परमाणु स्तर पर खोज संभव

राष्ट्रीय खबर

रांचीः जेनेवा स्थित दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली कण त्वरक, लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे नए कण की खोज की है, जो भौतिक विज्ञान के स्टैंडर्ड मॉडल को समझने के नजरिए को बदल सकता है। यह नया कण एक बैर्योन परिवार का हिस्सा है, जिसमें हमारे जाने-पहचाने प्रोटॉन और न्यूट्रॉन भी शामिल होते हैं।

हालांकि, यह नया कण सामान्य प्रोटॉन की तुलना में कहीं अधिक जटिल और भारी है। पदार्थ की सबसे सूक्ष्म इकाई परमाणु होती है, और परमाणु के भीतर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं। ये प्रोटॉन और न्यूट्रॉन स्वयं क्वार्क नामक छोटे कणों से बने होते हैं। प्रकृति में छह प्रकार के क्वार्क पाए जाते हैं: अप, डाउन, चार्म, स्ट्रेंज, टॉप और बॉटम।

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सामान्यतः एक प्रोटॉन दो अप और एक डाउन क्वार्क से बना होता है। लेकिन सीईआरएन द्वारा खोजा गया यह नया कण दो चार्म क्वार्क और एक डाउन क्वार्क के मेल से बना है। विज्ञान की भाषा में इसे डबली चार्मड बैर्योन कहा जा रहा है। दो भारी चार्म क्वार्क की उपस्थिति इसे असाधारण बनाती है, क्योंकि आमतौर पर भारी क्वार्क एक साथ इतने स्थिर रूप में नहीं देखे जाते।

इस नए कण का द्रव्यमान लगभग 3621 एमई वी/सी ² मापा गया है। सरल शब्दों में कहें तो यह हमारे साधारण प्रोटॉन से लगभग चार गुना अधिक भारी है। वैज्ञानिकों के लिए यह भार एक पहेली की तरह है, क्योंकि यह दर्शाता है कि इसके भीतर मौजूद स्ट्रॉन्ग न्यूक्लियर फोर्स (प्रबल नाभिकीय बल) किस तरह से इन भारी क्वार्कों को एक साथ जकड़े हुए है।

यह खोज केवल एक नए नाम को जोड़ने तक सीमित नहीं है। इसके दूरगामी परिणाम बताता है कि क्वार्क आपस में कैसे जुड़ते हैं। इस नए भारी कण के व्यवहार का अध्ययन करके वैज्ञानिक इस सिद्धांत की सटीकता की जांच कर पाएंगे। महाविस्फोट के शुरुआती क्षणों में पदार्थ का निर्माण कैसे हुआ, यह समझने में यह कण एक प्रयोगशाला की तरह काम करेगा।

यह खोज हमें यह समझने में मदद करेगी कि प्रकृति का सबसे शक्तिशाली बल यानी स्ट्रॉन्ग फोर्स भारी कणों के साथ कैसे व्यवहार करता है। वैज्ञानिक अब इस कण के जीवनकाल और इसके क्षय होने के तरीकों पर शोध कर रहे हैं, ताकि उप-परमाणु स्तर पर छिपे अन्य रहस्यों से पर्दा उठाया जा सके।

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