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Courier Drug Trafficking: पोस्ट ऑफिस के जरिए हो रही नशीले पदार्थों की सप्लाई, पुलिस ने शुरू किया विशेष अभियान

रांचीः राजधानी रांची में नशे के तस्करों और ड्रग्स पैडलर्स के खिलाफ नो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है. लेकिन ड्रग्स पैडलर्स अब अपने तस्करी नेटवर्क को बदल रहे हैं ताकि पुलिस की नजरों से वे बचे रहे. तस्करी नेटवर्क को कायम रखने के लिए अब तस्कर डाकघर का इस्तेमाल करने लगे हैं.

अलर्ट पर पुलिस

पिछले दो सालों के दौरान केवल राजधानी रांची से तीन दर्जन के करीब ड्रग्स पैडलर्स को सलाखों के पीछे पहुचाया गया है. खासकर सुखदेव नगर और पंडरा जैसे इलाकों में पुलिस ने जबरदस्त कार्रवाई की है. लेकिन अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए ड्रग्स पैडलर्स एक खतरनाक पैंतरा आजमा रहे है. ड्रग्स पैडलर्स अब देश-विदेश से मादक पदार्थो को मंगवाने के लिए डाक को अपना माध्यम बना रहे है.

रांची में हाल के दिनों में तीन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. जिसमें बाय पोस्ट मादक पदार्थ मंगवाए गए थे. हालांकि पुलिस ने अपने सटीक सूचना तंत्र के बल पर न सिर्फ ड्रग्स बरामद किए बल्कि कई को गिरफ्तार भी किया. लेकिन पुलिस के सामने ड्रग्स पैडलर्स की डाक सेवा वाली स्कीम एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है.

कब-कब आए मामले सामने

पहला मामला- रांची में विदेश से डाक के जरिए खतरनाक एलएसडी (LSD) ड्रग्स की खेप मंगवाई गई थी. रांची के हेहल पोस्टऑफिस में नीदरलैंड से मंगवाई गई खतरनाक ड्रग्स लाइसर्जिक एसिड डाइथायलैमाइड यानी LSD को बरामद कर लिया गया था. बता दें कि पिछले महीने रांची के कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने रांची के पंडरा इलाके में छापेमरी कर अभिषेक और अविनाश नाम के दो ड्रग्स पैडलर्स को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 100 LSD ड्रग्स बरामद किया था.

इस ड्रग्स को दोनों पैडलर्स ने बाय पोस्ट नीदरलैंड से मंगवाया था. मामले में जांच की दिशा को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने अभिषेक और अविनाश को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था. रिमांड के दौरान ही दोनों ने बताया कि एलएसडी की एक और खेप हेहल पोस्ट ऑफिस पहुंचा होगा. सूचना मिलते ही कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय दोनों आरोपितों को लेकर हेहल पोस्ट आफिस पहुचे और वहां से 50 एलएसडी ड्रग्स बरामद किया था.

दूसरा मामला- राजधानी रांची में मादक पदार्थ के तस्करी में पोस्टल डिपार्टमेंट का प्रयोग किया जा रहा है. यह एलएसडी बरामद होने के बाद ही स्पष्ट हो गया था. इसी बीच 17 मार्च को एसएसपी रांची को एक गुप्त सूचना मिली कि पंडरा के जतरा मैदान में कुछ अपराधियों के द्वारा स्पीड पोस्ट के माध्यम से मादक पदार्थ की आपूर्ति होने वाली है.

इस सूचना के आलोक में सिटी एसपी रांची के नियंत्रण में पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन कर जतरा मैदान के आसपास पुलिस ने रेकी करना शुरू किया गया. पुलिस ने दबिश देकर लाल वेदांत नाथ शाहदेव उम्र करीब 25 को गिरफ्तार किया.

पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर लाल वेदांत नाथ शाहदेव के पास पैंट के दांये पॉकेट से एक आसमानी रंग एक लिफाफा पाया गया. जिसे खोलने पर कागज में लपेटा हुआ एक परदर्शी प्लास्टिक के अंदर मादक पदार्थ (चरस) वजन 10.92 ग्राम, Honey लिखा हुआ इनहेलर बरामद किया गया. गिरफ्तार ड्रग्स पैडलर्स ने बताया कि ये मादक पदार्थ (चरस) को स्पीड पोस्ट के माध्यम से गलत नाम पता देकर डाक के माध्यम से मंगवाते हैं और डिलिवरी होने पर रांची के विभिन्न क्षेत्रों में ऊंची कीमत पर बेचते हैं.

खतरनाक हुआ नशे का कारोबार

ब्राउन शुगर, कोकीन, गांजा और ब्लैक स्टोन जैसे ड्रग्स के बाद अब सबसे खतरनाक माने जाने वाले ड्रग्स लाइसर्जिक एसिड डाइथायलैमाइड यानी एलएसडी ने भी रांची के नशे के बाजार में दस्तक दे दी है. यह एलएसडी ड्रग्स की दूसरी खेप बरामद की गई है. NEDERLAND INTERNATIONAL का टिकट लगे लिफाफे में Belgian Greetings कार्ड के जरिये ये ड्रग्स बाय पोस्ट रांची मंगवाया गया था. LSD बेहद खतरनाक मादक पदार्थ है, जिसे उसने अविनाश कुमार मिश्र और अभिषेक ने साथ मिलकर डार्क वेब से क्रिप्टोकरेंसी पेमेंट कर नीदरलैंड से मंगवाया था.

गलत एड्रेस का इस्तेमाल

पुलिस की तहकीकात में यह बात सामने आई है कि ड्रग्स पैडलर्स शातिराना अंदाज में ड्रग्स की तस्करी करने के लिए डाक विभाग का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह एक नया ट्रेंड है. बाय पोस्ट ड्रग्स मंगवाने के लिए ड्रग्स पैडलर्स अपने सुरक्षित माने जाने वाले इलाके के किसी गलत एड्रेस का इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि अब डाक विभाग भी एड्रेस वेरीफाई नहीं होने पर फोन का इस्तेमाल करता है. ड्रग्स पैडलर्स नशे की खेप को मंगवाने के लिए गलत एड्रेस डालते हैं लेकिन उसमें अपना फोन नंबर सही डालते हैं. जब डाकिए को उनका एड्रेस नहीं मिलता है तब उनके फोन नंबर पर संपर्क किया जाता है जिसके बाद ड्रग्स पैडलर्स सीधे डाकिए के पास ही पहुंच कर अपने पार्सल को कलेक्ट कर लेते हैं.

हम नजर रख रहे है- डीएसपी

राजधानी रांची में पिछले ढाई सालों के अपने कार्यकाल के दौरान कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने अपने दम पर नशे के तस्करों के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई की है. नशे के तस्कर कोतवाली डीएसपी को अपना सबसे बड़ा दुश्मन भी मानते हैं. कोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में ही खतरनाक एलएसडी ड्रग्स और चरस जो डाक के माध्यम से मंगवाए गए थे उन्हें पकड़ा गया था.

कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि पोस्ट ऑफिस के जरिए आने वाले हर संदिग्ध पार्सल पर पुलिस की नजर है. मामले को लेकर डाक विभाग को भी सतर्क किया गया है. इसके अलावा हर संदिग्ध पार्सल पर गुप्त रूप से नजर रखी जा रही है. पुलिस अपने काम पर है और यही वजह है कि डाक विभाग से ड्रग्स मंगवाने के बावजूद तस्कर गिरफ्तार हो रहे हैं और मादक पदार्थों को बरामद भी किया जा रहा है.