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भाजपा नेता सह बिल्डर की मनमानी पर भारी पड़ा जन-सहयोग

स्थानीय लोगों के श्रमदान से गंदा पानी साफ

  • प्राकृतिक नाली बंद करने से हुई परेशानी

  • लोगों ने सीएम का पुतला भी जलाया

  • नगर निगम के भारी वाहन आने लगे

राष्ट्रीय खबर

रांचीः झारखंड की राजधानी रांची के पुरानी रांची शहरी क्षेत्र में पिछले कई महीनों से व्याप्त जलजमाव और गंदगी की समस्या आखिरकार जन-भागीदारी और सामूहिक प्रयास से हल हो गई है। यह मामला न केवल प्रशासनिक सुस्ती को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि यदि जनता ठान ले, तो बड़े से बड़ा संकट आपसी सहयोग से दूर किया जा सकता है।

देखें पुरानी रांची की वर्तमान स्थिति का वीडियो

पुरानी रांची के एक घनी आबादी वाले इलाके में समस्या तब शुरू हुई थी, जब एक निजी बिल्डर द्वारा निर्माण कार्य के दौरान एक प्राकृतिक नाली के मुहाने को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इस प्राकृतिक नाली के जरिए इलाके का सारा गंदा पानी हरमू नाले में जाकर गिरता था। रास्ता बंद होने के कारण नालियों का ओवरफ्लो पानी सड़कों पर जमा होने लगा, जिससे पूरा क्षेत्र तालाब में तब्दील हो गया था। महीनों तक स्थानीय लोग दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों के साये में जीने को मजबूर थे। आक्रोश इतना बढ़ गया था कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री का पुतला तक फूंका गया, जिसके बाद प्रशासन में थोड़ी हलचल तो हुई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

प्रशासनिक आश्वासन जब धरातल पर नहीं उतरे, तो स्थानीय जनता ने खुद मोर्चा संभालने का निर्णय लिया। ईद के पावन मौके पर, जब चारों ओर सौहार्द का माहौल था, मुहल्ले के लोगों ने आपसी विचार-विमर्श किया। उन्होंने चिन्हित किया कि बिल्डर द्वारा खड़ी की गई पक्की दीवार के ठीक नीचे अगर एक छोटा सा रास्ता बना दिया जाए, तो पानी का पुराना बहाव लौट सकता है।

करीब एक घंटे के सामूहिक श्रमदान और महज एक फीट गहरा गड्ढा खोदने भर से चमत्कारिक परिणाम सामने आए। जैसे ही दीवार के नीचे से मिट्टी हटाई गई, हफ़्तों से सड़कों पर सड़ रहा गंदा पानी तेजी से अपने प्राकृतिक ढलान यानी हरमू नाले की ओर बहने लगा। कुछ ही समय में सड़कें पूरी तरह सूख गईं और इलाके में फैली असहनीय दुर्गंध भी काफी हद तक समाप्त हो गई।

हैरानी की बात यह है कि जिस समस्या को सुलझाने के लिए नगर निगम के बड़े-बड़े सक्शन वाहन और मशीनें हर दूसरे दिन आकर विफल साबित हो रही थीं, उसे जनता ने एक मामूली गड्ढा खोदकर सुलझा दिया। अब वहां गंदे पानी का जमाव नहीं हो रहा है, जिससे निगम की गाड़ियों को भी बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उनकी एकता की जीत है, जिसने मानव जीवन के लिए खतरा बने इस संकट को जड़ से खत्म कर दिया।