Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

पूर्व पाक उच्चायुक्त नये और भड़काऊ के बयान से अमेरिका सतर्क

अमेरिकी हमले में हम भारत पर वार करेंगेः बासित

  • उन्होंने काल्पनिक परिदृश्य करार दिया

  • हम अमेरिकी ठिकानों तक पहुंच नहीं सकते

  • देश के पास यही एकमात्र अंतिम विकल्प होगा

वाशिंगटनः भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने एक बेहद उत्तेजक और विवादास्पद बयान देकर क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। ईरान के साथ जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच, बासित ने एक काल्पनिक लेकिन खतरनाक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान को अमेरिका से अपने अस्तित्व का खतरा महसूस होता है, तो वह भारत पर हमला कर सकता है। बासित, जो 2014 से 2017 तक नई दिल्ली में इस्लामाबाद के शीर्ष राजनयिक रहे थे, ने यह बात एक चर्चा के दौरान कही, जहाँ वे भविष्य की संभावित सैन्य चुनौतियों का विश्लेषण कर रहे थे।

अब्दुल बासित ने अपने तर्क को स्पष्ट करते हुए कहा, मान लीजिए कि ईरान में स्थिति बिगड़ती है और इजरायल हमारे करीब अपनी स्थिति मजबूत कर लेता है। ऐसे में अगर अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को नकारात्मक दृष्टि से देखता है या हमारी परमाणु क्षमता को नष्ट करने की कोशिश करता है, तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा।

हालांकि उन्होंने इसे असंभव स्थितियों में से एक और वर्स्ट-केस सिनेरियो करार दिया, क्योंकि उनके अनुसार पाकिस्तान अपनी रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि यदि अमेरिका हमला करता है और पाकिस्तान अपनी परिचालन सीमाओं के कारण सीधे अमेरिका या खाड़ी देशों में स्थित उनके ठिकानों तक नहीं पहुँच पाता, तो भारत उसका डिफ़ॉल्ट निशाना होगा।

पूर्व राजनयिक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पाकिस्तान की पहुंच अमेरिकी ठिकानों या इजरायल तक नहीं हो पाई, तो उनके पास एकमात्र विकल्प भारत ही बचेगा। उन्होंने कहा, अगर कोई हम पर बुरी नजर डालता है, तो हम बिना किसी झिझक के भारत के मुंबई और नई दिल्ली जैसे शहरों पर हमला करेंगे। उसके बाद जो होगा, वह बाद में देखा जाएगा।

बासित का यह रुख ईरान की उस रणनीति के समान है जिसमें वह अमेरिका तक न पहुँच पाने की स्थिति में खाड़ी देशों को निशाना बनाने की बात करता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बासित का यह सुझाव गैर-जिम्मेदाराना है, क्योंकि खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, जबकि भारत में ऐसी कोई सुविधा नहीं है।

अब्दुल बासित की यह टिप्पणी अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक बताया था। गबार्ड ने सीनेट पैनल को बताया था कि रूस, चीन और उत्तर कोरिया के साथ पाकिस्तान भी परमाणु सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चुनौती है। बासित के इस बयान ने दक्षिण एशिया में पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में कड़वाहट घोलने का काम किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की हताशा के रूप में देखा जा रहा है।